चुनाव में भ्रष्‍ट चाल- पांच के नोट पर पांच और दस पर 10 हजार रुपये बंट रहे

पानीपत, [जगमहेंद्र सरोहा] । पांच रुपये के नोट पर पांच हजार और दस के नोट पर दस हजार रुपये। यह सुनकर आपको अटपटा लगा होगा। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? इस तरह दस गुना अधिक पैसे कैसे मिल सकते हैं, लेकिन नगर निगम चुनाव में ऐसा ही चल रहा है। प्रत्याशी के साइन किए नोटों पर दस गुना पैसे तुरंत मिल रहे हैं। चुनाव पर्यवेक्षकों को इसकी जानकारी तक नहीं है।

आज सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के तरीके हाईटेक हो गए हैं। ऐसे में साइबर सेल भी मजबूत हो गई है। मोबाइल पर हुई बातचीत आसानी से पकड़ में आ जाती हैं। नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी किसी प्रकार के लेन-देन के लिए बातचीत नहीं करते। वे नोटों पर साइन कर देते हैं और अगला व्यक्ति संबंधित को उसी हिसाब से पैसे दे देता है।

ऐसे चलाते हैं टोकन सिस्टम
प्रत्याशी चार तरह के टोकन इस्तेमाल कर रहे हैं। एक और दो रुपये के नोट की जगह पर्ची बनाई जाती है। जिस पर प्रत्याशी या उसके नजदीकी व्यक्ति के साइन होते हैं। एक रुपये की पर्ची पर 1000 और दो रुपये की पर्ची पर 2000 रुपये या इसकी कीमत का सामान दे दिया जाता है। वहीं पांच रुपये के नोट पर 5 हजार और 10 रुपये के नोट पर 10 हजार रुपये नकद या इसकी कीमत का सामान दे दिया जाता है। इसमें खास बात यह होती है सभी नोट एक ही सीरिज के होते हैं। सामने वाला व्यक्ति उसी सीरिज के नोट पर सामान देते हैं। एक व दो की पर्ची अधिकतर शराब के ठेकों, जबकि पांच व दस रुपये के नोट का टोकन नकदी के लेन-देन के लिए प्रयोग की जा रही है।

हाईटेक पुलिस को अब तक नहीं मिली सफलता
चुनाव में अधिकतर हवाला का पैसा लगाया जाता है। पुलिस ऐसे पैसों के लेन-देन पर अक्सर नजर रखती है। पुलिस अधिकारी साइबर सेल की मदद से ऐसे लोगों की बातचीत पर नजर रखने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रत्याशियों ने इसका तोड़ तलाश लिया है।

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