हरियाणा के स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति का कार्यकाल खत्म, पुनर्गठन के आए ये निर्देश

हरियाणा के स्‍कूलों में दो साल के लिए गठित विद्यालय प्रबंधन समित का कार्यकाल खत्म हो चुका है। अब इसका पुर्नगठन कर 25 तक भेजनी होगी रिपोर्ट। दो साल के लिए होता है एसएमसी का गठन स्कूलों व बच्चों के विकास को लेकर करती है काम।

Anurag ShuklaTue, 20 Jul 2021 04:55 PM (IST)
विद्यालय प्रबंधन समिति का कार्यकाल खत्म हुआ।

पानीपत, जागरण संवाददाता। हरियाणा के राजकीय स्कूलों में गठित विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 25 जुलाई तक प्रत्येक स्कूल में विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन व सोशल आडिट 2019-20 कराने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय की ओर से गतिविधि, दायित्व व समय सीमा तय की गई है। समितियों का गठन भी पूर्व में गठित समितियों की भांति ही होगा। कोविड-19 का नियमों का पालन करना होगा। लापरवाही के लिए स्कूल मुखिया जिम्मेदार होंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल का कहना है कि निदेशालय के निर्देशानुसार सभी स्कूलों में एसएमसी कमेटी का गठन कराया जाएगा।

निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 21 के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में दो वर्ष के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन होता है। समितियों को तदानुसार प्रशिक्षित भी किया जाता है। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में वर्ष 2019 में उक्त समितियों का दो वर्ष के लिए गठन किया गया था।

75 व 25 फीसद होगी सदस्यों की संख्या

एसएमसी सदस्य संख्या का 75 फीसद बच्चों के अभिभावकों या संरक्षकों में से होगा। जबकि 25 फीसद सदस्य नगरपालिका या ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्यों में से एक सदस्य। शिक्षकों में से एक सदस्य। स्थानीय शिक्षाविद या एनजीओ, कंपनी या दानी ट्रस्ट में से अधिकतम तीन सदस्य हो सकेंगे। एसएमसी संरक्षक सदस्यों में से एक को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित किया जाएगा।

जिलेवार भेजनी होगी सूचना

निदेशालय के मुताबिक उक्त कार्यक्रम में डीईओ, डीईईओ व डाइट प्राचार्य जिले के सभी खंडों को दो भागों में बांटकर पर्यवेक्षण करेंगे। वहीं बीईओ भी अपने खंड के कलस्टर को दो भागों में बांट पर्यवेक्षण करेंगे। स्कूलों में गठित एसएमसी के गठन की सूचना जिलेवार 25 जुलाई शाम छह बजे तक निदेशालय को भेजनी होगी। इसको लेकर गूगल फार्म का एक लिंक साझा किया जाएगा।

समिति में सदस्य संयोजक को छोड़कर निम्न सदस्य होंगे

-- 1 से 300 तक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल में 12 सदस्य होंगे।

-- 301 से 500 तक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल में 16 सदस्य होंगे।

-- 501 से 700 तक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल में 20 सदस्य होंगे।

-- 700 से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूल में प्रति 100 विद्यार्थियों पर एक अतिरिक्त सदस्य होगा।

-- समिति सदस्यों में 50 फीसद सदस्य महिलाएं होंगी।

-- सदस्यों में एक अनुसूचित जाति व एक पिछड़ा वर्ग से जरूर हो।

-- फीस भरने वाले विद्यार्थियों अभिभावकों को एसएमसी में शामिल करना अनिवार्य है।

ये कार्य करेगी समिति

-- एसएमसी मास में कम से कम एक बार अपनी बैठक करेगी।

  -- स्कूल की जरूरतों का पता लगा विकास योजना तैयार करनी होंगी।

  -- स्कूल में मिलने वाले मिड डे मील भोजन की निगरानी करना।

  -- स्कूल की प्राप्तियों और व्यय का वार्षिक लेखा तैयार करना।

  -- विभाग द्वारा स्कूल विकास, बालक कल्याण तथा शैक्षणिक उत्थान के लिए जारी ग्रांट को पारदर्शिता से खर्च कराना।

 ये होगा आम सभा वार्षिक बैठक, एसएमसी स्थापना दिवस व सोशल आडिट के लिए प्रस्तावित एजेंडा

  -- सोशल आडिट करवाना, मध्याहन भोजन योजना तथा मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम पर चर्चा।

  -- कोविड-19 के प्रोटोकाल की अनुपालना में स्कूलों के समुचित संचालन में अभिभावकों की भूमिका।

  -- खर्च का ब्यौरा दस्तावेज सहित तथा जन अवलोकनार्थ।

  -- नए सदस्यों को शपथ एवं पद विभाजन।

  -- वार्षिक योजना पर आमसभा की सहमति।

  -- संस्कृति माडल स्कूलों के लिए बनाए गए स्कूल डवलपमेंट प्लान पर चर्चा

  -- नए शैक्षणिक वर्ष के लिए स्कूल विकास योजना।

  -- सीडब्लूएसएन बच्चों की व्यवस्था

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.