स्कूलों की छुट्टी के विरोध में कुरुक्षेत्र में संचालक लामबंद, सोमवार को भूख हड़ताल की चेतावनी

30 अप्रैल तक स्कूल बंद करने के विरोध में संचालक लामबंद।

सरकार की ओर से कोरेाना महामारी के चलते स्‍कूलों में छुट्टी की घोषणा के बाद से स्‍कूल संचालक लामबंद हो गए हैं। स्‍कूल संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर स्‍कूल नहीं खोले गए तो सोमवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

Anurag ShuklaSat, 10 Apr 2021 05:42 PM (IST)

कुरुक्षेत्र, जेएनएन। स्कूल संचालक कोरोना के चलते 30 अप्रैल तक स्कूल बंद करने के विरोध में लामबंद हो गए हैं। स्कूल संचालकों ने कुरुक्षेत्र की धरती से आरपार की लड़ाई लड़ने का बिगुल बजाया है। संचालकों ने सरकार व प्रशासन को एक दिन का समय दिया है। स्कूल न खुलने पर सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।

प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की आपात बैठक शनिवार को पिपली रोड स्थित कुरुक्षेत्रा मॉडल स्कूल में बुलाई। इसकी अध्यक्षता प्रधान विपिन शर्मा ने की। बैठक सरकार के कोरोना के चलते 30 तक स्कूल बंद करने और फीस के विषय को रखा। स्कूल संचालकों ने नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में स्कूल बंद करने के फैसले को गलत बताया। प्रधान विपिन शर्मा ने बताया कि कोरोना के चलते पिछले साल से स्कूल लगातार बंद हैं। सरकार का सहयोग करते हुए बच्चों से ट्यूशन फीस ली गई है, जबकि उन्होंने टीचरों और स्टाफ को पूरा वेतन दिया है। अब नया सत्र शुरू होने पर दाखिले आने शुरू हुए हैं। अब सरकार ने स्कूलों की छुट्टी कर दी। इससे दाखिला प्रक्रिया प्रभावित होगी और समय पर पढ़ाई शुरू न होने पर सिलेबस पूरा करा पाना मुश्किल होगा।

निशी गुप्ता ने सरकार से स्कूल बंद करने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। आज कोचिंग सेंटर और घर-घर में ट्यूशन चल रही है, लेकिन स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।

भूख हड़ताल पर बैठेंगे संचालक

लिट कैंपस इंटरनेशनल स्कूल दीदार नगर के संचालक पंकज अरोड़ा ने बताया कि स्कूलों की लगातार अनदेखी की जा रही है। स्कूल संचालकों ने कोरोना के दौरान सरकार की गाइडलाइन का पालन करने के साथ लॉकडाउन में जरूरतमंदों की मदद के लिए हर संभव सहयोग किया। सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो वह सोमवार को लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। स्कूल संचालक अपनी मांगों को लागू होने तक नहीं उठेंगे। इस मौके पर उप प्रधान सोहनलाल और महासचिव विक्रम मौजूद रहे।

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