एचआइवी की दवा शुरू करने के लिए नहीं जाना होगा रोहतक

सिविल अस्पताल में बनेगा एफएआरटी सेंटर, ईएसआइ में खुलेगा आइसीटीसी केंद्र जागरण संवाददाता, पानीपत :

एचआइवी संक्रमित मरीजों को इलाज की शुरुआत के लिए अब रोहतक पीजीआइ नहीं जाना पड़ेगा। सिविल अस्पताल में बने लिक एआरटी सेंटर जल्द ही फैसीलेटेड एंटी रेट्रो वायरल ट्रीटमेंट सेंटर (एफएआरटी) में अपग्रेड होगा। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) ने इसकी मंजूरी दे दी है।

लिक एआरटी सेंटर के काउंसलर रविद्र सिंह ने बताया कि सिविल अस्पताल में फिलहाल इंटिग्रेटेड काउंसलिग टेस्टिंग सेंटर (आइसीटीसी) और लिक एआरटी सेंटर है। एचआइवी की पुष्टि होने पर मरीज को एक बार रोहतक पीजीआइ जाना पड़ता है। वहां से दवा शुरू की जाती है, बाद में मरीज लिक एआरटी सेंटर से दवा लेता रहता है। एफएआरटी सेंटर बनने से मरीजों की दवा यहीं से शुरू होगी। सीडी-4 (प्रतिरोधक क्षमता) टेस्ट के लिए रोहतक पीजीआइ जाना होगा। काउंसलर के मुताबिक राज्य कर्मचारी बीमा (ईएसआइ)अस्पताल में भी नाको ने आइसीटीसी सेंटर शुरू करने के लिए बजट जारी कर दिया है।

इसी माह के अंत तक यह सेंटर रनिग में आ जाएगा। करीब डेढ़ लाख बीमा धारकों, उनके परिजनों को एचआइवी जांच के लिए दूसरे अस्पतालों में नहीं भटकना पड़ेगा। हर माह एचआइवी के 25 नए मरीज

सिविल अस्पताल स्थित लिक एआरटी सेंटर में एक अप्रैल से 31 अक्टूबर तक 16 हजार 302 लोगों ने एचआइवी जांच कराई। 169 एचआइवी पॉजिटिव मिले, इनमें 47 महिलाएं भी शामिल हैं। हर माह करीब 25 नए मरीज सामने आ रहे हैं।

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