जींद में बढ़ रहा कोरोना का खतरा, सिविल अस्‍पताल का कोविड वार्ड फुल, यहां बनाया नया वार्ड

जींद के सिविल अस्‍पताल में कोविड वार्ड फुल।

जींद के स्वास्थ्य विभाग ने गंगापुत्र अस्पताल में बनाया गया कोविड वार्ड। 100 बेड की होगी क्षमता। नागरिक अस्पताल का कोविड वार्ड फुल होने पर स्वास्थ्य विभाग ने लिया निर्णय। स्‍टाफ की कमी को देखते हुए स्‍टाफ मांगा है।

Anurag ShuklaMon, 19 Apr 2021 05:28 PM (IST)

जींद, जेएनएन। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में बने कोविड वार्ड के सभी बेड फुल होने पर स्वास्थ्य विभाग ने कंडेला गांव में बने गंगापुत्र आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को पैनल पर लिया है। जहां पर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना के गंभीर मरीजों को दाखिल करने के लिए 100 बेड की व्यवस्था की गई है। आयुर्वेदिक कालेज में पहले से बेडों की व्यवस्था है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को वहां पर स्टाफ की तैनाती करना है। स्टाफ की कमी को देखते हुए विभाग ने गंगापुत्र आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज से वहां के स्टाफ की डिमांड की है। कंडेला सीएचसी के एसएमओ डा. नरेश शर्मा को कोविड वार्ड का नोडल अधिकारी बनाया गया है। नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में बनाए गए कोविड वार्ड में 70 बेडों की क्षमता है, लेकिन तीन दिन पहले ही सभी बेड भर गए थे। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नए भवन में 48 बेडों की व्यवस्था करके काम चलाया जा रहा है। सिविल सर्जन डा. मनजीत ङ्क्षसह ने बताया कि कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए गंगापुत्र अस्पताल में 100 बेड का नया वार्ड बनाया है। वार्ड में जहां पर थोड़ी बहुत कमी थी, उसको ठीक किया जा रहा है। जल्द ही वहां पर कोरोना के गंभीर मरीजों को दाखिल करना शुरू कर दिया जाएगा।

सक्षम युवाओं से करवाई जा रही स्क्रीनिंग

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अब कोरोना संक्रमित मरीजों की स्क्रीङ्क्षनग शुरू कर दी है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सक्षमों की मदद ली जा रही है। सोमवार को ये सक्षम युवा पीपी सेंटर पहुंचे और यहां उन्हें कोरोना संक्रमितों की स्क्रीङ्क्षनग से संबंधित दिशा-निर्देश देते हुए फिल्ड में उतारा गया। सक्षमों से स्क्रीङ्क्षनग करवाने के बाद उन मरीजों तक स्वास्थ्य विभाग दवाई उपलब्ध करवाएगा।

सैंपल रिपोर्ट आने में हो रही देरी

जिले में सैंपलिंग को बढ़ा दिया गया है, लेकिन रिपोर्ट आने में चार से पांच दिन का समय लग रहा है। सैंपल देने के बाद व्यक्ति को आइसोलेट होना चाहिए, लेकिन निगरानी न होने के चलते सैंपल करवाने वाले खुले में घूमते हैं। इस समय उचाना स्थित आरटीपीसीआर में दो हजार से ज्यादा सैंपलों की रिपोर्ट पेंडिंग हैं, क्योंकि यहां पहले ही कर्मचारियों की कमी थी। पिछले दिनों लैब में तैनात 14 कर्मचारी पॉजिटिव आ गए थे, इसलिए उनको आइसोलेट हैं। पहले जहां 550 तक सैंपलों की जांच होती थी वहीं अब 100 से 200 तक हो रहे हैं। लैब में दो शिफ्टों में काम चल रहा है।

सैंपल देने के लिए लग रही भीड़

कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढऩे के साथ ही सैंपल देने वालों की तदाद बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल के फ्लू कार्नर व कोविड वार्ड में बनान गए सैंपल केंद्र पर कोरोना संभावित की लंबी लाइन लग रही है। फ्लू कार्नर में सैंपल देने के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी। हालांकि लाइन में लगे सभी लोग मास्क लगाए हुए थे, लेकिन शारीरिक दूरी का पालन नहीं हुआ। सैंपल देने के लिए लोगों को करीब एक घंटे का इंतजार करना पड़ा। इस समय मौसम वायरल के बिल्कुल अनुकूल बना हुआ है। ऐसे में सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द, एलर्जी के मरीज भी काफी संख्या में उपचार के लिए नागरिक अस्पताल पहुंच रहे हैं। इन रोगों के लक्षण भी कोरोना संक्रमण से मिलते जुलते हैं। ऐसे में चिकित्सक भी कोरोना को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं। तबीयत ज्यादा खराब मिलने पर दवा के साथ-साथ कोरोना संक्रमण टेस्ट करवाने की सलाह भी दी जा रही है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.