Karan Stadium in Karnal: दिव्यांगजनों के जज्बे और कड़ी मेहनत ने दिखाया आइना, बने राष्ट्रीय पदक विजेता

कर्ण स्टेडियम में प्रदेश सरकार की बेहतर खेल नीति का परिणाम देखने को मिला है। सभी खिलाड़ी यहां चार साल से अभ्यास कर रहे हैं और 26 से 28 मार्च को करनाल में आयोजित 13वीं नेशनल फेंसिंग (असिक्रीडा) चैंपियनशिप में खुद को मेडिलिस्ट बना चुके हैं।

Naveen DalalWed, 13 Oct 2021 08:42 PM (IST)
कर्ण स्टेडियम में प्रदेश सरकार की बेहतर खेल नीति का परिणाम देखने को मिला

जागरण संवाददाता, करनाल। जिंदगी में अगर कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो दिव्यांग्ता भी रोड़ा नहीं बन सकती है। यह खास उन स्वस्थ लोगों के लिए भी है जो सरकारी लाभ के लिए रोष जताने से पीछे नहीं हटते हैं। 13 दिव्यांगों ने ऐसे लोगों को न केवल आइना दिखाया बल्कि साबित कर दिया कि मजबूत इरादों व जज्बे के आगे दिव्यांग्ता बाधा नहीं बन सकती है। अपनी मेहनत के बलबूते पर सभी 13 खिलाड़ी असिक्रीडा में राष्ट्रीय पदक विजेता हैं और व्हीलचेयर फेसिंग आल इंडिया कैंप में अभ्यास कर रहे हैं। ओडिया, छत्तिसगढ़, मध्यप्रदेश और हरियाणा के खिलाड़ियों में चार महिला खिलाड़ी भी हैं जोकि बेटियों की मजबूती का संदेश दे रही हैं।

असिक्रीडा में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व

कर्ण स्टेडियम में प्रदेश सरकार की बेहतर खेल नीति का परिणाम देखने को मिला है। सभी खिलाड़ी यहां चार साल से अभ्यास कर रहे हैं और 26 से 28 मार्च को करनाल में आयोजित 13वीं नेशनल फेंसिंग (असिक्रीडा) चैंपियनशिप में खुद को मेडिलिस्ट बना चुके हैं। यही नहीं सरकार की ओर से इन खिलाड़ियों को लाखों रुपये कैश अवार्ड भी दिया गया है। अभ्यास कर रहे सभी खिलाड़ी व्हील चेयर फेंसिग एसोसिएशन आफ इंडिया की तरफ से 16 नवंबर को इटली में होने वाले मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। आठ से दस घंटे रोजाना अभ्यास के दौरान पसीना बहाने वाले इन खिलाड़ियों के जज्बे को देख तंदुरूस्त व्यक्ति भी एक बार अपने बारे में सोचने को मजबूर हो जाता है।

मेहनत के बलबूते पर खुद को तारीफ के काबिल बनाया

कर्ण स्टेडियम के प्रशिक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि एक अक्टूबर से हरियाणा व्हीलचेयर फेंसिग एसोसिएशन के अंतर्गत व्हीलचेयर फेसिंग आल इंडिया कैंप में ओडिया, छत्तिसगढ़, मध्यप्रदेश और हरियाणा के 13 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। तीन इवेंट पीपी, फाेयल, सब्र के तहत सभी खिलाड़ी मेडेलिस्ट हैं और मेहनत के बलबूते पर खुद को तारीफ के काबिल बनाया है। 42 दिन के ट्रेनिंग कैंप के बाद अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए 16 अक्टूबर को इटली रवाना होंगे। अभ्यास के दौरान प्रशिक्षक राजकुमार, अंकित और अरुण पोसवाल सहयोग कर रहे हैं।

सफलता के स्वाद से जिंदगी बनी मजबूत : देवेंद्र

तलवारबाजी में मेडल हासिल करने वाले देवेंद्र ने बताया कि खेल में खुद को समर्पित कर चुका हूं, सफलता के स्वाद ने जिंदगी को मजबूत किया है। कभी सामने वाले को हराने की नहीं सोची बल्कि बेहतर प्रदर्शन का प्रयास किया है। इन्हीं हौंसलाे के साथ व्हीलचेयर फेसिंग आल इंडिया कैंप में हरियाणा से देवेंद्र, सुनील पोखाट, गुलाब, नीलम, रेखा, राजीव, प्रवीण जबकि ओडिशा से पूजा अशिवनी, राखाल, रमेश राय, छत्तीसगढ़ से रोहिनी साहू, हरिहर सिंह राजपूत, मध्यप्रदेश दीपक शर्मा शामिल हैं। जिला खेल अधिकारी देवेंद्र गुलिया ने बताया कि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। करनाल में इस तरह का कैंप पहली पर लगा है और सभी खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व कर करनाल का नाम रोशन करेंगे।

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