तकदीर शमी हो तो जहां हसीन नहीं होता, हरियाणा की दसवीं का रिजल्‍ट ऐसा ही है

इस सप्‍ताह का कालम स्‍ट्रेट ड्राइव पढि़ए। हरियाणा में हाल ही में दसवीं का रिजल्‍ट आया है। बिना परीक्षा दिए ही सभी पास हो गए। दसवीं पास न होने से पंचायत चुनाव नहीं लड़ पा रहे ग्रामीण सोच रहे हैं काश दाखिला ले लेते। बिना परीक्षा पास हो जाते।

Anurag ShuklaMon, 14 Jun 2021 05:21 PM (IST)
पढ़े इस हफ्ते का पानीपत से कॉलम स्‍ट्रेट ड्राइव।

पानीपत, [रवि धवन]। बच्चे सेलफोन में रिजल्ट देख रहे थे। उनके चेहरे से खुशी कुछ वैसे ही छलक रही थी जैसे पहले ही मैच में सेंचुरी मारने वाले बैट्समैन के चेहरे से चमकती है। इन बच्चों के बीच एक बच्चा रमलू भी था। कई प्रयास के बाद इस बार बिना परीक्षा दिए दसवीं पास हुआ था ।

उसका खुश होना लाजिमी था। लेकिन गांव के एक ताऊ उसकी दी मिठाई खाते हुए भी अपनी उदासी नहीं छिपा पा रहे थे। पूछा तो बोले, मैंने भी दाखिला लिया होता तो पास हो जाता और पंचायत का इलेक्शन लड़ लेता। मैंने समझाया- देख, ताऊ जिसकी तकदीर मोहम्मद शमी होती है, उसका जहां कभी हसीन नहीं होता। वैसे ताऊ, सारा दोष कोरोना का है। बीस साल पहले आया होता तो आप दसवीं पास होते और हम शारीरिक दूरी से विरत विराट कोहली की तरह हाथों में हाथ डाले अपनी अनुष्का को माल में मूवी दिखा रहे होते।

हमारे पास भी गन, आपसे कम नहीं हम

शहर में बाजारों के दो खेमे। एक संयुक्त व्यापार मंडल, एक संयुक्त व्यापार मंडल समिति। दोनों के अपने अपने प्रधान। जाहिर है कि दोनों प्रधानों में छत्तीस का आंकड़ा रहेगा। तिरसठ का होता तो दो खेमे ही क्यों होते। समिति के प्रधान के पास गन है और लाइसेंस भी। मंडल वाले बुजुर्ग प्रधान जी के पास न गन, न लाइसेंस। इससे एहसासे कमतरी का शिकार हो जाया करते। फिर उन्होंने विधायक प्रमोद जी से संपर्क किया। बोले-हमें गन लाइसेंस दिलवाइए। विधायक जी चौंक गए। फिर पूरी बात सुनी। लगा कि प्रधान जी की समस्या वाजिब है। अब कोई अपना एहसासे कमतरी को शिकार हो, यह अच्छी बात नहीं। फिर बोले लाइसेंस दिला देंगे। लाइसेंस मिल गया। अब भले ही कभी गन से फायर न करें, लेकिन दूसरे वाले प्रधान जी के समकक्ष तो हो गए। रही बात फायर करने की तो भगवान करे दोनों को कभी इसकी नौबत न आए।

अपना अपना तेल, अपनी अपनी धार

कांग्रेस में एक नेता हैं कुलदीप बिश्नोई। एक हैं मैडम किरण चौधरी। दिल्ली में जिनकी पहुंच हैं, वह हैं चिर युवा रणदीप सुरजेवाला। इस पूरी टीम की कैप्टन हैं कुमारी सैलजा। कागजों में। या जब भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ मैच हो। अन्यथा सब अपनी सुविधानुसार बैटिंग करते हैं। समर्थक भी वैसे ही हैं। सुरजेवाला आते हैं तो बुल्ले शाह का खेमा सक्रिय हो जाता है। सैलजा आती हैं तो संजय अग्रवाल पैड पहन लेते हैं। इसराना में विधायक बलबीर वाल्मीकि को हुड्डा के अलावा कोई नेता मंजूर ही नहीं। टीम तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश से पर्यवेक्षक आए। रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है। कप्तान सैलजा खिलाड़ी ही तैयार नहीं कर पा रही। क्योंकि उन्हें मालूम है, जैसे ही टीम बनी, उसी समय टूट भी जाएगी। तेल की कीमतों के विरोध में धरना के दौरान ये दिख भी गया। सब अपना अपना तेल और अपनी अपनी धार देख रहे थे।

मत चूक्यो इस बार

हरियाणा लोक सेवा आयोग के चार सदस्यों के रिक्त होने जा रहे पदों पर आसीन होने के लिए पानीपत के कुछ महानुभाव भी राशन-पानी लेकर लाबिंग में जुटे हैं। अब भाई पार्टी को इतना समय दिया है तो सम्मानजनक समायोजन होना ही चाहिए। उनकी बात भी ठीक है। सो सब मत चूक्यो इस बार, का उद्घोष कर रहे हैं। वैसे शायद इस बार कार्यकर्ताओं को तवज्जो दिए जाने का मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संदेश भी है। क्योंकि पिछली नियुक्तियों से संघ का एक खेमा मनोहर पर लाल भी है, क्योंकि कई पदों पर मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त अधिकारियों को नियुक्त कर दिया। इनमें से कुछ तो कभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के खास हुआ करते थे। अपने मीडिया सलाहकार मंडली में भी कुछ ऐसे लोगों को इकट्ठा कर लिया, जिनका कभी संघ या भाजपा से लेना-देना नहीं रहा। सो, इस बार मनोहर भी संघ को साधने का मौका नहीं चूकना चाहेंगे।

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