मालगाड़ी के लिए नई रेलवे लाइन के काम में तेजी, जानिए कहां से होकर गुजरेगी

मालगाड़ी के लिए अलग नई लाइन बिछाने के काम में तेजी आई है। रेलवे की ओर से स्‍थाई रूप से लाइन को स्‍थानां‍तरित करने के लिए जमीन भी सौंप दी है। जमीन को डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन को सौंपी गई।

Anurag ShuklaFri, 23 Jul 2021 04:46 PM (IST)
अंबाला में मालगाड़ी के लिए नई रेलवे लाइन का काम शुरू।

अंबाला, जागरण संवाददाता। मालगड़ी के लिए बिछाई जा रही लाइनों के काम में तेजी आ गई है। उत्‍तर रेलवे के अंबाला मंडल ने डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन को जमीन सौंप दी है। रेलवे ने रेल लाइनों की सुविधा के लिए अपनी अप और डाउन रेल लाइनों के कुछ हिस्‍से को स्‍थाई रूप से स्‍थानान्‍तरित कर दिया है।

उत्‍तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बताया कि दो किलोमीटर रेल लाइन के हिस्‍से को उसके मूल स्‍थान से हटाकर अम्‍बाला-सहारनपुर सेक्‍शन के मुस्‍तफाबाद-दराजपुर स्‍टेशनों के बीच एक नए स्‍थान पर ले जाया गया है। डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन द्वारा बिछाये जाने वाले रेल पथों को रास्‍ता देने के लिए ऐसा किया गया है। डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन के ट्रैक के पूरा हो जाने के बाद ईस्‍टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर पर तेज गति की मालभाड़ा रेलगाड़ियों का परिचालन किया जाएगा।

नई अप और डाउन कट कनैक्‍शन लाइनें रिकार्ड समय में बिछा दी गई हैं। इस सैक्‍शन पर दो बड़े नए पुल भी बनाए गए हैं। संरक्षा निरीक्षण के पश्‍चात इस लाइन को रेलगाड़ियों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है।

रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) लुधियाना से कोलकाता तक करी 1856 किलोमीटर सिर्फ मालगाड़ियों के लिए लाइन बिछाई जा रही है। लुधियाना से सहारनपुर तक करीब 180 किलोमीटर लाइन में से 35 किलोमीटर लाइन बिछाई जा चुकी है।

मालगाड़ियों के लिए स्पेशल रेल लाइन बिछाई जा रही है। करीब 2499 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को जून 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद 116 डिब्बों की मालगाड़ी इन लाइनों पर दौड़ती नजर आएगी, जिसकी स्पीड भी 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होगी।

हरियाणा में इस प्रोजेक्ट के लिए 72 किलोमीटर, पंजाब में 88, उत्तर प्रदेश में 1058, बिहार में 239, झारखंड में 196 और बंगाल में 203 किलोमीटर लाइन बिछाई जा रही है। कुछ जगहों पर लाइन और ब्रिज बनाने का कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन अब कोरोना का साया इस प्राेजेक्ट पर नजर आने लगा है।

मार्च 2020 के बाद लगे लॉकडाउन के बाद जहां लेबर पलायन कर गई थी, वहीं अब लेबर प्रोजेक्टों को छोड़कर जानी शुरू हो गई थी। लेबर के जाने के कारण यह प्राेजेक्ट जून 2022 से आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। हालांकि लेबर लौट आई है।

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