Raid : 12वीं पास युवक चला रहा था क्‍लीनिक, सीएम फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग की रेड में हुआ पर्दाफाश

यमुनानगर में मेडिकल स्टोर के अंदर 12वीं पास युवक डाक्टर के लाइसेंस पर क्‍लीनिक चला रहा था। सीएम फ्लाइंग व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेड की। वहीं मौके पर उस डॉक्‍टर को भी बुलाया गया जिसके नाम लाइसेंस है।

Anurag ShuklaWed, 22 Sep 2021 03:03 PM (IST)
यमुनानगर में क्‍लीनिक में जांच करती टीम।

यमुनानगर, जागरण संवाददाता। तेजली स्टेडियम रोड पर लक्ष्मी मेडिकोज पर सीएम फ्लाइंग ने औषद्यी नियंत्रक विभाग के अधिकारियों के साथ रेड की। मौके पर मेडिकल स्टोर के अंदर ही एक क्लिनिक चलता मिला। जहां पर एक मरीज भी दाखिल किया गया था। मरीजों का इलाज कांसापुर निवासी नरेश कुमार कर रहे थे। जब टीम ने उनका लाइसेंस मांगा, तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। जांच में सामने आया कि क्लिनिक चला रहा नरेश कुमार 12वीं पास है। वह पंचायती गुरुद्वारा के पास छोटी लाइन निवासी डा. विपिन दत्ता के लाइसेंस पर यह क्लिनिक चला रहा था।

मौके पर काउंटर गौरव संभालते हुए मिला। यही केमिस्ट का कार्य भी देख रहा था। मेडिकल स्टोर से औषधि नियंत्रक विभाग की टीम ने दवाईयों के छह सैंपल भी लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। रामपुरा चौकी इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि मामले में तीन आरोपितों डा. विपिन दत्ता, गौरव व नरेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

लक्ष्मी मेडिकोज का लाइसेंस लक्ष्य कुमार फार्मेसिस्ट के नाम पर है। इस लाइसेंस पर कांसापुर निवासी गौरव व नरेश मेडिकल स्टोर चला रहे थे। सीएम फ्लाइंग टीम को यहां पर फर्जी तरीके से क्लिनिक चलने की सूचना मिली थी। जिस पर सीएम फ्लाइंग से सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बुधवार को सिविल अस्पताल से डा. विपिन गोंदवाल, औषद्यी नियंत्रक अधिकारी प्रवीण कुमार, रामपुरा चौकी इंचार्ज संदीप कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ रेड की।

मरीज को चढाई जा रही थी ग्लूकोज 

जिस पर समय टीम ने छापेमारी की। उस दौरान एक मरीज यहां पर दाखिल किया हुआ था। जिसे ग्लूकोज चढ़ाई जा रही थी। टीम को देखते ही हड़कंप मच गया। मरीज का इलाज नरेश कुमार कर रहा था। बताया जा रहा है कि नरेश कुमार पहले किसी निजी अस्पताल में कंपाउंडर का कार्य करता था। अब काफी समय से वह मेडिकल स्टोर में ही अंदर अवैध तरीके से क्लिनिक चलाकर मरीजों को उपचार कर रहा था।

एक लाइसेंस पर नहीं चला सकते दो क्लिनिक

छापेमारी टीम में शामिल डा. विपिन गोंदवाल ने बताया कि एक लाइसेंस पर दो क्लिनिक नहीं चलाए जा सकते। यह क्लिनिक डा. विपिन दत्ता के नाम पर चलाया जाता था। मौके पर नरेश कुमार इलाज करता मिला। जो 12वीं पास है। नियमानुसार वह क्लिनिक चलाने के योग्य नहीं है। मौके पर डा. विपिन दत्ता को भी बुलाया गया था। इस मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई कराई जा रही है।

मेडिकल स्टोर का किसी और के नाम पर लाइसेंस

औद्यधि नियंत्रक अधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि इस मेडिकल स्टोर का लाइसेंस फार्मासिस्ट लक्ष्य कुमार के नाम पर है। वह मौके पर नहीं मिला। यहां पर गौरव व नरेश कुमार मिले थे। नरेश मरीजों का इलाज कर रहे थे। मौके से छह सैंपल भी लिए गए हैं। नरेश व लक्ष्य ने पार्टनरशिप में यह मेडिकल स्टोर चला रखा है।

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