जगाधरी की बर्तन नगरी को मिलेगी सौगात, ऐसा हुआ तो लुधियाना व चंडीगढ़ के नहीं लगाने होंगे चक्कर

जगाधरी में क्वालिटी मार्किंग सेंटर में लगी मशीनों से धूल हटी तो बर्तन उद्योगपतियों की समस्याएं कम होंगी।

जगाधरी में 50 साल पहले क्वालिटी मार्किंग सेंटर स्थापित हुआ था। बर्तन नगरी के लिए इसे यहां खोला गया था। इसमें करोड़ों रुपये से खरीद कर मशीन लगाई गई हैं। अनदेखी के चलते करोड़ों रुपये की मशीनरी पर धूल की मोटी परत जम गई।

Umesh KdhyaniSun, 11 Apr 2021 11:39 AM (IST)

यमुनानगर, जेएनएन। जगाधरी बस स्टैंड के सामने दशकों से वीरान पड़े क्वालिटी मार्किंग सेंटर पर जमीन धूल जल्द सरकार हटाने जा रही है। सरकार ने सेंटर की नई बिल्डिंग के लिए सात करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। भवन निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने टेंडर भी लगा दिया। इससे उद्योगपतियों को उम्मीद जगी है कि अब उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए पंजाब के लुधियाना व चंडीगढ़ जैसे शहरों में भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। दूसरा यदि सेंटर में रखी करोड़ों रुपये की मशीनरी से यदि धूल हटती है तो उद्योगों में तैयार माल की क्वालिटी भी पहले से कहीं अच्छी होगी।

50 साल पुराना है सेंटर

क्वालिटी मार्किंग सेंटर करीब 50 साल पहले स्थापित हुआ था। जगाधरी की बर्तन नगरी को देखते हुए इसे यहां खोला गया था। इसमें करोड़ों रुपये से खरीद कर मशीन लगाई गई थी। इसमें ऐसी-ऐसी मशीने रखी हैं जो ये बता सकती हैं कि एक बर्तन में कितनी तरह की धातुओं का इस्तेमाल कितनी मात्रा में किया गया है। परंतु अब तक सेंटर की अनदेखी होती रही। देखते ही देखते करोड़ों रुपये की मशीनरी पर धूल की मोटी परत जम गई। क्वालिटी सेंटर में लगे अधिकारी और कर्मचारी खाली बैठ वेतन ले रहे हैं। मशीनों को जंग लग चुका है। इसमें टूल रूम स्थापित होगा तो करोड़ों का राजस्व देने वाले मेटल और प्लाई उद्योग को बड़ा फायदा होगा।

ढाई एकड़ में बना है सेंटर

यह सेंटर करीब ढाई एकड़ में फैला हुआ है। सेंटर भी एकदम सड़क पर जगाधरी बस स्टैंड के सामने है। इसके बावजूद यह अनदेखी का शिकार हो गया। करोड़ों की मशीनरी गुजरे जमाने के साथ पुरानी हो गई। मेटल और प्लाई उद्योग के लिए ये मशीनरी किसी काम नहीं आ रही। क्वालिटी सेंटर की बिल्डिंग अब खंडहर में तब्दील हो चुकी है।

प्रशिक्षित युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई बिल्डिंग के भवन के लिए टेंडर लगने के बाद इसमें टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर खुलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। सेंटर बनने से इसमें अत्याधुनिक मशीनें आएंगी, जिसका फायदा जिले के मेटल और प्लाइवुड उद्योग को होगा। इसके बनने से उद्यमियों को डाई बनवाने और उसकी मरम्मत के लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। टूल रूम में अत्याधुनिक मशीनें आने से यहां युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षित युवाओं को मेटल और प्लाई उद्योगों में रोजगार मिलेगा।

उद्योगपतियों की समस्याएं होंगी कम

द जगाधरी मेटल मेन्युफेक्चर्स एंड स्पलायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा व उद्योगपति दर्शन लाल खेड़ा ने बताया कि अब तक किसी सरकार ने क्वालिटी मार्किंग सेंटर पर ध्यान नहीं दिया। अब इसकी नई बिल्डिंग बनने से इसके दिन बहुरने की उम्मीद लगी है। यदि यहां सभी तरह के काम होने लगे तो उद्योगपतियों की काफी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

जल्द काम शुरू होगा: राजकुमार

पीडब्ल्यूडी के एक्सइएन राजकुमार ने बताया कि क्वालिटी मार्किंग सेंटर की नई बल्डिंग पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

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