यमुनानगर में चिकन प्रोसेसिंग प्लांट पर विवाद, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

यमुनानगर के गांव काजनू में बन रहे चिकन प्रोसेसिंग प्लांट पर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब चिकन प्रोसेसिंग प्लांट के संचालकों पर ग्रामीणों ने गाली गलौज करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

Rajesh KumarPublish:Tue, 07 Dec 2021 11:06 AM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 11:06 AM (IST)
यमुनानगर में चिकन प्रोसेसिंग प्लांट पर विवाद, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला
यमुनानगर में चिकन प्रोसेसिंग प्लांट पर विवाद, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

यमुनानगर, जागरण संवाददाता। यमुनानगर के गांव कांजनू में चिकन प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। रोजाना ग्रामीण प्लांट के लिए प्रस्तावित जगह के सामने सांकेतिक प्रदर्शन कर रहे हैं।  अब चिकन प्रोसेसिंग प्लांट के संचालकों पर ग्रामीणों ने गाली गलौज करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। ग्रामीण संजय कुमार की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि अंकुश, अंकित विनायक, अंजना विनायक व ओमप्रकाश विनायक गाड़ी में आए। आरोप है कि उस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और जातिसूचक शब्द कहे। पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, अंकुश विनायक, अंकित विनायक, अंजना विनायक व ओमप्रकाश विनायक ने गांव कांजनू में  प्लांट लगाने के लिए जमीन खरीदी है। ग्रामीण इसे बूचड़खाना बताते हुए प्लांट का विरोध कर रहे हैं। यहीं पर गांव के ही संजय, जोगिंद्र व सुशील कुमार भी ग्रामीणों के साथ धरना दे रहे हैं। इसके साथ ही वह धरना स्थल पर आए ग्रामीणों व अन्य लोगों को पानी पिलाने की सेवा कर रहे हैं। आरोप है कि सायरा फूड्स के नाम से अंकुश, अंकित व अंजना ने एनओसी कानून को ताक पर रखकर ली है। जबकि ग्रामीणों ने बूचड़खाना लगाने के लिए कोई एनओसी नहीं दी है। आरोपितों ने पहले भी एक-दो बार सरपंच से संपर्क किया था, लेकिन ग्राम पंचायत ने एनओसी देने से साफ इंकार कर दिया था।

ये है समस्या

जिस जगह पर प्लांट लगाया जा रहा है। वहां पर धार्मिक स्थल, स्कूल, रिहायशी मकान व पश्चिमी यमुना नहर बहती है। यह प्लांट लगने से लोगों की धार्मिक भावना आहत होगी, क्योंकि सूर्यग्रहण जैसे अवसरों पर यहां ग्रामीण स्नान करते हैं और भंडारा देते हैं। ऐसे में यहां पर प्लांट लगना ठीक नहीं है। संजय कुमार ने आरोप लगाया कि वह तीन दिसंबर को ग्रामीणों के साथ धरना दे रहे थे। इस दौरान आरोपित सफेद कार में आए। आरोपितों ने धरना दे रहे लोगों पर कार चढ़ाने की कोशिश की। कार को आरोपितों का ड्राइवर सोनू चला रहा था। किसी तरह से ग्रामीणों ने जान बचाई। बाद में आरोपितों ने गाली गलौज की।

संजय का आरोप है कि उसे जातिसूचक शब्द कहे और धक्का मुक्की की। उधर, अंकित विनायक का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ कोई गाली गलौज नहीं की। बेवजह दबाव बनाने के लिए इस तरह की झूठी शिकायत दी जा रही है। वह पहले भी कह चुके हैं कि उनका प्लांट पूरी तरह से नियमों के अनुसार है। सभी विभागों से एनओसी ली गई है।