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प्राइवेट ट्रेन से शताब्दी एक्‍सप्रेस पर होगा असर, करना होगा टाइम टेबल या रूट बदलाव

प्राइवेट ट्रेन से शताब्दी एक्‍सप्रेस पर होगा असर, करना होगा टाइम टेबल या रूट बदलाव
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 07:55 PM (IST) Author: Sunil Kumar Jha

अंबाला, [दीपक बहल]। रेलवे ने प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी मोड) के तहत 109 रूटों पर 151 ट्रेनें चलाने का फैसला लेकर इनकी समय सारिणी का खाका तैयार कर लिया है। मौजूदा समय पटरी पर दौड़ रही ट्रेनें और प्राइवेट ट्रेनों के टाइम टेबल में ज्यादा अंतराल नहीं है। ऐसे में प्राइवेट ट्रेनों के संचालन को लेकर कई दिक्‍कते सामने आएंगी। ऐसे में रेलवे को दोनों ट्रेनों में से किसी एक का टाइम में बदलाव करना या फिर ट्रेन को इस रूट से हटाकर दूसरे रूट पर चलाना पड़ सकता है।

शताब्दी और प्राइवेट ट्रेन में 35 मिनट का अंतराल, समय सारणी या रूट पड़ सकता है बदलना

नई दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच शताब्दी एक्सप्रेस दौड़ रही और इसी रूट पर महज 35 मिनट के अंतराल पर प्राइवेट ट्रेन का समय भी दिया गया है। इस तरह की कई ट्रेनें हैं, जिनके टाइम टेबल में ज्यादा अंतर नहीं है। प्राइवेट आॅपरेटर्स पर डिब्बों को लाने की जिम्मेदारी रहेगी, जबकि ट्रेन में चालक व गार्ड रेलवे का अपना होगा। माना जा रहा है कि वंदे भारत की तर्ज पर बिना इंजन के ट्रेनें (इन में इंजन इनबिल्ट होता है) पटरी पर उतर सकती हैं।

प्राइवेट ट्रेनें दौड़ाने के समय की रेलवे ने की रूपरेखा कर ली है तैयार

हालांकि रेल मंत्री पीयूष गोयल ट्वीट कर स्पष्ट कर चुके हैं कि रेलवे की वर्तमान में चल रही सेवाओं में बिना कुछ परिवर्तन किए निजी भागीदारी द्वारा आधुनिक सुविधाओं से युक्त 151 ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों से रेलवे का निजीकरण नहीं होगा, बल्कि इन ट्रेनों से आधुनिक सेवाएं, सुरक्षा व सीटों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे यात्रियों को लाभ मिलेगा।

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मौजूदा ढांचे में भी करना होगा बदलाव

अंबाला और नई दिल्ली, नई दिल्ली अमृतसर के बीच अभी 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें दाैड़ रही हैं। हालांकि अब 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने का फैसला लिया गया है। एेसे में पटरी के दोनों ओर कंकरीट की दीवार बनानी पड़ेगी। ट्रैक पर कोई पशु न आए जाए, संरक्षा के लिहाज से यह दीवार बनानी होगी।

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8 सितंबर को खुलेगा टेंडर

रेलवे ने पीपीपी मोड के तहत 30 हजार करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इसके तहत 8 सितंबर को यह टेंडर खुलेंगे। टेंडर खुलने के बाद ही पता चल पाएगा कि किस रूट पर कितनी कंपनियों ने कितने टेंडर डालें हैं। ऐसे में रेलवे के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं।

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इस तरह है प्राइवेट और मौजूदा ट्रेनों का समय

मौजूदा समय में दौड़ रही ट्रेनाें व प्राइवेट ट्रेनों की समय सारिणी में समय का अंतर है, लेकिन कुछ में तो यह महज 35 मिनट तक का ही है।

- नई दिल्ली से चंडीगढ़ दौड़ने वाली गाड़ी संख्या 12001 सुबह 7:40 बजे चलेगी, जबकि प्राइवेट ट्रेन 6:30 बजे चलकर 9:30 बजे पहुंचेगी।

- नई दिल्ली से चंडीगढ़ दौड़ने वाली गाड़ी संख्या 12057 दोपहर 2:35 बजे चलकर 7:03 बजे पहुंचेगी, जबकि प्राइवेट ट्रेन 2:00 बजे चलकर शाम पांच बजे पहुंचेगी।

- चंडीगढ़ से दिल्ली दौड़ने वाली गाड़ी संख्या 12006 सुबह 6:35 बजे, 02058 सुबह 7:43 बजे, 12046 दोपहर 12 बजे चलेगी, जबकि प्राइवेट ट्रेन 10:15 बजे चलेगी।

- चंडीगढ़ से दिल्ली दौड़ने वाली गाड़ी संख्या 12012 शाम को 6:23 बजे चलकर 9:55 बजे पहुंचेगी जबकि प्राइवेट ट्रेन 5:55 बज चलकर 8:55 बजे पहुंचेगी।

- मुंबई से दिल्ली के बीच दौड़ने वाली गाड़ी संख्या 02951 शाम 5:30 बजे चलकर अगले दिन सुबह 8:50 बजे पहुंचेगी, जबकि प्राइवेट ट्रेन चार बजे चलकर अगले दिन सुबह सात बजे पहुंचेगी।

- दिल्ली से मुंबई के बीच दौड़ने वाली गाड़ी संख्या 02952 शाम पांच बजे चलकर सुबह 3:40 बजे पहुंचेगी, जबकि प्राइवेट ट्रेन सुबह 2:45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 3.15 बजे पहुंचेगी।

- लखनऊ से दिल्ली के बीच दौड़ने वाली स्वर्ण शताब्दी गाड़ी संख्या 12003 शाम 5:35 बजे चलक ररात 10:15 बजे पहुंचेगी, जबकि प्राइवेट ट्रेन सुबह 4:15 बजे चलकर रात 10:50 बजे पहुंचेगी।

 

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