सिविल अस्पताल से हटेंगी निजी एंबुलेंस, पुलिस से मांगी मदद

सिविल अस्पताल परिसर से निजी एंबुलेंस को बाहर खदेड़ने का स्वास्थ्य विभाग ने अनेक बार प्रयास किया अधिकारी विफल रहे। प्रिसिपल मेडिकल आफिसर (पीएमओ) डा. संजीव ग्रोवर ने एक बार फिर निजी एंबुलेंस को परिसर से बाहर करने के लिए सिटी थाना पुलिस से मदद मांगी है।

JagranSun, 20 Jun 2021 04:56 AM (IST)
सिविल अस्पताल से हटेंगी निजी एंबुलेंस, पुलिस से मांगी मदद

जागरण संवाददाता, पानीपत : सिविल अस्पताल परिसर से निजी एंबुलेंस को बाहर खदेड़ने का स्वास्थ्य विभाग ने अनेक बार प्रयास किया, अधिकारी विफल रहे। प्रिसिपल मेडिकल आफिसर (पीएमओ) डा. संजीव ग्रोवर ने एक बार फिर निजी एंबुलेंस को परिसर से बाहर करने के लिए सिटी थाना पुलिस से मदद मांगी है।

सरकारी अस्पताल में निजी एंबुलेंस खड़ी नहीं रह सकती। इसी के मद्देनजर पीएमओ ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम के फ्लीट मैनेजर को एक आदेश पत्र जारी किया गया है। उसमें लिखा है कि एंबुलेंस इमरजेंसी के बाहर भी खड़ी रहती हैं। इससे मरीजों को असुविधा और भीड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। निजी एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी न हो पाए, मरीज छोड़कर तुरंत बाहर किया जाए। एंबुलेंस के चालक मनमानी करें तो कार्रवाई की जाए। सरकारी एंबुलेंस भी इमरजेंसी के पीछे खाली स्थान पर खड़ी करें ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पीएमओ ने सिटी थाना प्रभारी को पत्र भेजकर मदद मांगी है ताकि निजी एंबुलेंस को अस्पताल परिसर से बाहर किया जा सके। ऐसे उठाते हैं लाभ

निजी एंबुलेंस चालक सरकारी सिस्टम की कमजोरी का लाभ उठाते हैं। अस्पताल से मरीज-घायल, गर्भवती या जच्चा-बच्चा रेफर या डिस्चार्ज होते हैं। तीमारदार 108 नंबर एंबुलेंस सेवा को काल करते हैं। एंबुलेंस मिलने में थोड़ी देर हुई और निजी के चालक उसे घेर लेते हैं। जल्द उच्च अस्पताल या घर पहुंचने की जल्दी में तीमारदार इनकी सेवा लेता है। कोरोना काल में निजी एंबुलेंस चालकों ने खूब लूट मचाई थी।

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