करनाल में बनेगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी, इन सुविधाओं से होगी लैस, जानिए लागत

करनाल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य जारी है। मेडिकल यूनिवर्सिटी बनने से क्षेत्रवासियों को भी इसका फायदा मिलेगा। मेडिकल यूनिवर्सिटी 100 एकड़ में बनाई जा रही है। इसमें कई तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेगी।

Rajesh KumarSun, 28 Nov 2021 01:09 PM (IST)
करनाल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य जारी।

करनाल, जागरण संवाददाता। करनाल में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज के बाद मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण होने से करनाल मेडिकल हब के रूप में उभरकर आएगा। इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से ना केवल प्रदेशवासियों बल्कि नोर्थ इंडिया को भी फायदा होगा। मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रोजेक्ट बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। अब तक केसीजीएमसी में नर्सिंग कालेज में 50 सीटें व फिजियोथैरेपी कालेज में 50 सीटें की कक्षाएं चल रही थी, लेकिन अब उनको कुटेल मेडिकल यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित कर दिया गया है। क्योंकि वहां का इन्फास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। नोडल अधिकारी डा. जेसी दुरेजा ने कहा कि यूनिवर्सिटी को वर्किंग में लाने के लिए तेजी से कार्य हो रहे हैं। इसका बड़े स्तर पर फायदा मिलेगा।

100 एकड़ में 2500 करोड़ की लागत से बननी है यूनिवर्सिटी

मेडिकल यूनिवर्सिटी 100 एकड़ में 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी। इसका निर्माण कार्य जोरों पर है। यूनिवर्सिटी में 500 बिस्तर का सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, 50 बिस्तर का ट्रामा सेंटर, स्नातकोत्तर और पोस्टडॉक्टोरल पाठ्यक्रम, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, मेडिकल जेनेटिक्स में एडवांस रिसर्च सेंटर, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, खेल चोट उपचार केंद्र, इम्यूनोलाजी और वायरोलॉजी अनुसंधान केंद्र, फार्मेसी कॉलेज, 50 सीट डैंटल कालेज बनने हैं।

हिंदुस्तान प्री फैब लिमिटेड को दिया गया है कार्य

यूनिर्वसिटी में दोनों कालेजों के निर्माण का काम हिंदुस्तान प्री-फैब लिमिटेड को दिया गया है। यह काम 1600 करोड़ रुपये का है। इस प्रोजेक्ट के बाद दूसरा काम शुरू होगा। निर्धारित समयावधि में कालेज निर्माण का काम पूरा कर दिया गया था, अब वहां पर कक्षाएं भी लगना शुरू हो गई हैं।

दूर होगी डाक्टरों की कमी

नोडल अधिकारी डा. जगदीश चंद दुरेजा ने बताया कि यूनिवर्सिटी शुरू हो जाने बाद करनाल मेडिकल हब के रूप में उबरकर सामने आएगा। डाक्टरों की कमी झेल रहे प्रदेश के मेडिकल संस्थानों को इसका लाभ मिलेगा। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में हर साल 100 एमबीबीएस डाक्टर निकलेंगे। इसके अलावा यूनिवर्सिटी में भी एमबीबीएस के साथ-साथ नर्सिंग व फिजियोथैरेपी विशेषज्ञ बनकर निकलेंगे। जिससे चिकित्सकों की कमी दूर होगी।

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