कुरुक्षेत्र के कालेजों में खाली सीटें भरने के लिए एक और मौका, जानें क्‍या है प्रक्रिया

कुरुक्षेत्र के कालेजों में 25 से 30 फीसद सीटें खाली।

फिजिकल काउंसिलिंग का मौका मिलने पर ज्यादातर राजकीय कालेजों में बीए की बकाया सीटों पर दाखिले पूरे हो गए। लेकिन कामर्स और साइंस संकाय की पांच से 10 फीसद सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं। कई एडिड और प्राइवेट कालेजों में तो ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं।

Publish Date:Sat, 28 Nov 2020 12:01 PM (IST) Author: Pankaj Kumar

कुरुक्षेत्र, जेएनएन : जिला भर के कालेजों में 10 से 30 फीसद तक सीटें खाली रहने पर उच्चतर शिक्षा निदेशालय विद्यार्थियों को दाखिल के लिए एक और मौका दिया है। अब दाखिलों के इच्छुक विद्यार्थी पांच दिसंबर तक कालेजों में बची हुई सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले अंतिम तिथि 20 नवंबर तय की गई थी। इसके बाद भी ज्यादातर कालेजों में सीटें खाली रह गई थी। खासबात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाले कालेजों में 25 से 30 फीसद तक सीटें खाली पड़ी हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में बने कालेजों में से ज्यादातर में पांच से 10 फीसद तक सीटें खाली रही हैं।
उच्चत्तर शिक्षा निदेशालय की ओर से सात दिसंबर को कालेजों में दाखिला प्रक्रिया शुरू की गई थी। आवेदन के बाद दो मेरिट सूची आॅनलाइन जारी करने के बाद ओपन मेरिट सूची जारी की गई। इसके बाद खाली सीटों के लिए 20 नवंबर तक फिजिकल काउंसिलिंग का मौका दिया गया। फिजिकल काउंसिलिंग का मौका मिलने पर ज्यादातर राजकीय कालेजों में बीए की बकाया सीटों पर दाखिले पूरे हो गए। लेकिन कामर्स और साइंस संकाय की पांच से 10 फीसद सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं। कई एडिड और प्राइवेट कालेजों में तो ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। नए नियमों के अनुसार इस बार एससी कैटेगरी की सीटों को अलग ही रखा जा रहा है, जबकि अक्सर एससी कैटेगरी की खाली सीटें रहने पर इन्हें जनरल में बदल दिया जाता था। ऐसे में जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को मौका मिलने पर इनमें से कई सीटें भर जाती थी।

सीटें बढ़ाने के लिए लिखा है पत्र
राजकीय कन्या कालेज पलवल के कामर्स विभाग की अध्यक्ष डा. मीनाक्षी ने बताया कि उनकी बीए की सभी सीटें भर गई हैं, लेकिन साइंस और कामर्स की कुछ सीटें खाली हैं। उन्होंने छात्राओं की मांग को देखते हुए बीए की कुछ सीटें और बढ़ाने की मांग की है। इसके लिए कुुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है। अब दाखिलों के लिए अंतिम तिथि बढ़ाकर पांच दिसंबर कर दी गई है।

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