35 करोड़ रुपये से जींद के सफीदों में बनेगा नर्सिंग कालेज, जानिए क्‍या होगी खासियत

जींद के सफीदों में नर्सिंग कालेज बनने की घोषणा चार साल पहले हुई थी। अब जल्‍द 35 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। मिट्टी और पानी की जांच के लिए सैंपल ले लिए गए हैं। इसमें हास्‍टल से लेकर रहने के लिए क्‍वार्टर होंगे।

Anurag ShuklaSat, 27 Nov 2021 11:37 AM (IST)
जींद में नर्सिंग कालेज का निर्माण जल्‍द।

जींद, जागरण संवाददाता। जींद के सफीदों में राजकीय नर्सिंग संस्थान के भवन के निर्माण का रास्ता खुल गया है। प्रदेश सरकार ने चार साल पहले इस कालेज की घोषणा की थी, लेकिन अब तक भवन का निर्माण भी शुरू नहीं हो पाया है। अब कालेज की चार एकड़ भूमि में पानी एवं मिट्टी की जांच का कार्य शुरू कर दिया है। कालेज के नए भवन का निर्माण हरियाणा पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन की अगुवाई में किया जाएगा।

विभाग के एक्सईएन नरेश गोस्वामी ने बताया कि कालेज की भूमि की मिट्टी एवं पानी की जांच की खातिर तकनीकी विभाग की टीम कालेज में सैंपल लेने एवं जांच कार्य में लगा दी गई है। इस कालेज के निर्माण के लिए विभाग द्वारा डीपीआर भी तैयार किए जाने का काम चल रहा है और जल्द निर्माण के लिए टेंडर लगाए जाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। नर्सिंग कॉलेज के भवन निर्माण पर प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 35 करोड़ की राशि खर्च की जाने की योजना है, जिसके द्वारा आधुनिकतम चार मंजिला भवन का निर्माण कराया जाएगा।

छात्राओं के ठहरने के लिए छात्रावास, क्लास रूम एवं स्टाफ के रहने के लिए क्वार्टर बनाए जाएंगे। नर्सिंग संस्थान का भवन नगर के सरला कन्या महाविद्यालय के समीप किया जाएगा। इस कालेज में प्रति वर्ष 180 छात्राएं-छात्राओं के लिए सीट आरक्षित है। 60 छात्राएं बीएससी नर्सिंग, 60 छात्राएं जीएनएम व 60 छात्राएं एएनएम में दाखिला प्राप्त कर सकती है। लगभग तीन वर्ष पूर्व खुले इस संस्थान में इस समय 500 के करीब छात्राएं नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। इस संस्थान को खुलवाने में स्थानीय संस्था आईपी कन्या एजुकेशन सोसायटी का विशेष योगदान रहा है।

लड़कियों के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

सफीदों की आईपी कन्या एजुकेशन सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व इंजीनियर इन चीफ टीसी गर्ग ने सफीदों क्षेत्र को नर्सिंग संस्थान की सौगात के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को करियर बनाने में यह नर्सिंग संस्थान बड़ी भूमिका निभाएगा। सफीदों क्षेत्र में इस तरह कोई संस्थान नहीं था। ऐसे में आसपास की छात्राएं सिर्फ बीए, बीकाम की पढ़ाई कर पाती थीं, जिस कारण उनके सामने रोजगार के अवसर भी कम थे। अब लड़कियां मेडिकल क्षेत्र में नौकरियां हासिल कर पाएंगी।

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