खूब थी चर्चा, लेकिन इनेलो की जींद रैली में तीसरे मोर्चे की चर्चा तक नहीं, भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह ने किया सरप्राइज

इनेलाे की जींद रैली से पहले इसमें तीसरा मोर्चा के गठन की खूब चर्चा हो रही थी लेकिन शनिवार को इस रैली में इसकी चर्चा तक नहीं हुई। पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने कई नेताओं से भी चर्चा की थी। जींद रैली में सबसे बड़ा सरप्राइज बीरेद्र सिंह रहे।

Sunil Kumar JhaSun, 26 Sep 2021 02:30 AM (IST)
जींद में आयोजित इनेलाे की रैली में बीरेंद्र सिंह, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल और ओमप्रकाश चौटाला। (जागरण)

जींद, [कर्मपाल गिल]। इनेलो की जींद रैली से पहले इस मौके तीसरा मोर्चा (Third Front) के गठन की काफी चर्चाएं थीं। पूर्व सीएम ओमप्रकाश चाैटाला ने देश के कई नेताओं से इसकाे लेकर मुलाकात भी की थी। लेकिन  इंडियन नेशनल लोकदल (इनलो) के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला की रैली में तीसरे मोर्चे के गठन के बारे में कोई बात तक नहीं हुई। अलबत्‍ता भाजपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने विपक्षी दल इनेलाे के मंच पर पहुंच कर सबको 'सरप्राइज' कर दिया।

बादल, फारुक अब्दुल्ला पहुंचे, पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह भी अचानक पहुंचे

दरअसल, जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) भर्ती घोटाले में दस वर्ष की सजा पूरी कर जेल से बाहर आने के बाद इस रैली के लिए चौटाला पूरी शिद्दत से लगे थे। देश के कई गैर कांग्रेसी गैर भाजपाई नेताओं के पहुंचने का दावा चौटाला परिवार कर रहा था, लेकिन आए केवल सरदार प्रकाश सिंह बादल, फारुक अबदुल्ला और केसी त्यागी। लेकिन भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने अचानक रैली के मंच पर पहुंचकर सभी को चौंका दिया।

रैली को संबोधित करते पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह। (जागरण)

चौधरी देवीलाल की 108वीं जयंती पर जींद की नई अनाज मंडी में आयोजित इस रैली को सम्मान दिवस समारोह का नाम दिया गया था। मुख्य वक्ता ओमप्रकाश चौटाला ही रहे। बोले-साढ़े दस साल बाद आपके बीच आया हूं। मेरी गैरहाजिरी में कुछ लोग सपने ले रहे थे कि चौटाला जेल में मर जाएगा और इनेलो समाप्त हो जाएगा। तीनों कृषि सुधार कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन पर चौटाला ने कहा कि देश का किसान नौ महीने से बार्डर पर बैठा हुआ है। लेकिन भाजपा सरकार अंधी-गूंगी होकर बैठी हुई है। 1907 में किसानों ने पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन किया था, अब उससे भी बड़ा आंदोलन हो रहा है।

चौटाला के पौत्र (छोटे बेटे अभय के बड़े बेटे) कर्ण चौटाला ने मंच संचालन संभाला और भाजपा-कांग्रेस पर खूब कटाक्ष किए। चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश ¨सह बादल, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला, जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने तीसरे मोर्चे को लेकर कोई बात नहीं की।

केसी त्यागी ने कहा-जब भी अभय चौटाला को जरूरत होगी, नीतीश कुमार साथ खड़े होंगे 

रैली में सबकी नजरें केसी त्यागी पर थीं। वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रतिनिधि के रूप में आए थे। लोगों को लग रहा था कि भाजपा के सहयोग से बिहार में सरकार चला रहे नीतीश को लेकर त्यागी शायद कोई बड़ी बात कह दें। लेकिन त्यागी ने देश की राजनीति बदलने जैसा राजनीतिक बयान देकर किनारा कर लिया। देवीलाल का बखान किया और कहा कि अभय चौटाला को जब जरूरत होगी नीतीश कुमार उनके साथ खड़े मिलेंगे।

 बीरेंद्र सिंह ने संकेतों में भाजपा पर हमला बोला

भाजपा नेता और मोदी सरकार की पहली पारी में केंद्रीय इस्पात मंत्री रहे चौधरी बीरेंद्र सिंह ने भाजपा पर सीधे कुछ न‍हीं बोला, लेकिन तीनों कृषि सुधार कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन, भारत माता के नारे व जात-पात पर संकेतों में भाजपा पर कटाक्ष करने से चूके भी। बीरेंद्र ने कहा कि 30 साल पहले आर्थिक सुधार आए थे, तब कह रहे थे कि देश धनवान बन जाएगा। लेकिन कुछ लोग ही अरबपति व करोड़पति बने। अब कृषि कानून लागू होने से देश की धन संपदा पर कुछ लोगों का कब्जा हो जाएगा। बीरेंद्र ने भाजपा के भारत माता की जय की काट में धरती माता की जय का नारा लगवाया।

फारुक बोले-राम केवल भाजपा के नहीं

 जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि राम हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबके हैं। लेकिन , भाजपा व आरएसएस ने उसे सिर्फ अपना बना रखा है।

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