धर्मनगरी की विदेशों तक होगी पहचान, ज्‍योतिसर तीर्थ पर श्रीकृ‍ष्‍ण का विराट स्‍वरूप, महाभारत थीम प्रोजेक्‍ट भी है खास

आस्‍था और पर्यटन का केंद्र गीता नगरी कुरुक्षेत्र जल्‍द की विश्‍व भर में अलग पहचान बनाएगा। यहां के ज्‍योतिसर तीर्थ पर 40 फीट की भगवान श्रीकृष्‍ण का विराट स्‍वरूप बनाया जा रहा है। वहीं महाभारत थीम प्राजेक्‍ट पर भी काम चल रहा।

Anurag ShuklaThu, 02 Dec 2021 04:02 PM (IST)
ज्योतिसर तीर्थ पर स्थापित भगवान श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप।

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। गीता की नगरी ज्योतिसर में श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप पर 13.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। विराट स्वरूप 40 फीट का है और इसको दस फीट के फाउंडेशन पर लगाया जा रहा है। पहले इस प्रोजेक्ट पर 10 करोड़ रुपये का अनुमान था। इसको प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सूतार ने तैयार किया है। पर्यटन विभाग की देखरेख में विराट स्वरूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इधर ज्योतिसर में महाभारत के थीम पर करीब 200 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसका काम 80 फीसद पूरा हो गया है। महाभारत के दृश्य को आधुनिक मल्टीमीडिया प्रणाली से दर्शाया जाएगा। इनके मूर्त रूप में आने के बाद पर्यटकों को श्रीकृष्ण और महाभारत के दर्शन कुरुक्षेत्र में होंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को पुरुषोत्तमपुरा बाग ब्रह्मसरोवर में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की घोषणा के दौरान भाजपा सरकार में तीर्थ स्थलों के काम गिनवाने में सामने आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का करीब 15 करोड़ का बजट होता था। इस बार बजट में 50 करोड़ रुपये किया है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सर्किट के अंतर्गत तीर्थों और कुरुक्षेत्र के विकास में करीब 97 करोड़ के काम चल रहे हैं।

शहर में बनाए जाएंगे स्वागत, 75 तीर्थों पर होंगे विकास कार्य

48 कोस कुरुक्षेत्र भूमि पर 30 नए तीर्थों के साथ इनकी संख्या 164 हो गई है। 75 तीर्थों पर 15 अगस्त 2023 तक विकास कार्य करवाए जाएंगे। केंद्र सरकार पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के तहत कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्णा सर्किट में शामिल किया गया। इस योजना के तहत ब्रह्मसरोवर, नरकतारी, ज्योतिसर, सन्निहित सरोवर और शहर के विकास कार्य करवाए गए हैं। इन विकास कार्यों पर करीब 97 करोड रुपये का बजट खर्च किया गया है। अब श्रीकृष्ण सर्किट-टू के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। कुरुक्षेत्र नगर के प्रमुख मार्गों पर स्वागत द्वार भी बनाए जाएंगे।

ब्रह्मसरोवर को पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत तीसरे चरण में देश के 30 प्रतिष्ठित धार्मिक सूचि में शामिल किया गया है।

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