अपने बच्चे नहीं हो रहे थे, पति-पत्नी ने किया तीन बच्चों का अपहरण, उत्तर प्रदेश से किया गिरफ्तार

पानीपत से पति-पत्नी ने तीन बच्चों का अपहरण किया था। जिन्हें पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। अपने बच्चे ना होने पर दंपत्ति ने बच्चों का अपहरण किया था। पुलिस ने बच्चों को इनकी मां को सौंप दिया है।

Rajesh KumarTue, 30 Nov 2021 09:40 PM (IST)
पानीपत से पति पत्नी ने तीन बच्चों का किया अपहरण, उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार।

पानीपत, जागरण संवाददाता। जैसा शक जताया जा रहा था, वही सामने आ गया। तीनों सगे भाई-बहनों का उनके ही पड़ोस में रहने वाले दंपती ने अपहरण कर लिया था। राजबीर और अनीता की अपनी संतान नहीं हो रही थी। इन्होंने इन बच्चों को उठा लिया। पुलिस ने इन दोनों को उत्तर प्रदेश के बिजनौर के खजुरा से गिरफ्तार कर लिया है। तीनों बच्चे आठ वर्ष की गौरी, दो वर्षीय दक्ष और एक वर्षीय हिमांशु भी सकुशल मिल गए हैं। इन्हें इनकी मां को सौंप दिया है। बुधवार को बच्चों का मेडिकल चेकअप भी कराया जाएगा।

पानीपत के थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत पप्पू कालोनी में किराये पर रह रही कविता 27 नवंबर को फैक्ट्री में काम करने गई थी। जब वह खाना खाने के लिए दोपहर को कमरे पर लौटी तो तीनों बच्चे लापता थे। आसपास तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस में शिकायत देकर केस दर्ज कराया था। कविता ने शक जताया था कि उसके साथ ही कमरे में रहने वाले पति-पत्नी उससे एक बच्चा मांगते थे। उनकी अपनी कोई संतान नहीं थी। जब से तीनों बच्चे लापता हुए, तब से ही दंपती भी अपने कमरे पर नहीं थे।

डीएसपी ओमप्रकाश को सौंपा था केस

एसपी शशांक कुमार सावन ने तीनों बच्चों की तलाश के लिए डीएसपी ओमप्रकाश को यह केस सौंपा था। सीआइए वन व थाना पुराना औद्योगिक पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। 30 पुलिसकर्मी इस केस में जुट गए थे। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई।

इस तरह जांच आगे बढ़ी, पकड़े गए

सबसे पहला शक तो उसी दंपती पर था, जो लापता हो गया था। उनका फोन भी सर्विलांस पर लगा दिया गया। डीएसपी ओमप्रकाश ने जागरण को बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरे देखे गए। इनमें सामने आ गया कि दंपती ही इन बच्चों को लेकर जा रहे थे। तब पुलिस का पूरा फोकस उधर हो गया। मंगलवार देर शाम को इन्हें पकड़ लिया गया। आरोपितों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

बच्चों से घुल-मिल गए थे दंपती

पप्पू कालोनी में जब से तीनों बच्चे आए थे, तब से अपहरण करने के आरोपित दंपती इनके साथ घुलने-मिलने लगे। गौरी भी इनके पास जाने लगी। पुलिस जब बिजनौर में आरोपितों के घर पहुंची तो तीनों बच्चे वहीं मौजूद थे। डीएसपी ओमप्रकाश ने बताया कि बच्चे रो नहीं रहे थे। ठीक कपड़े पहने हुए थे। आरोपितों ने पूछताछ में बताया है कि बच्चों को अच्छे से खाना खिलाया। आठ वर्ष की गौरी ने भी अब तक कोई शिकायत नहीं दी है। फिर भी बच्ची की काउसलिंग कराई जाएगी।

बच्चों को लेकर पति से अलग रहती है

उत्तर प्रदेश के एटा जिले के गांव गगनपुर की रहने वाली कविता पति सतेंद्र से अलग रह रही है। दरअसल, पति अकसर नशा करके उसके साथ मारपीट करता था। वह करीब डेढ़ माह पहले तीनों बच्चों को लेकर बहन राखी के पास पानीपत आ गई। नहर पार फैक्ट्री में काम करने लगी। करीब 18 दिन पहले पप्पू कालोनी में कमरा किराये पर लेकर रहने लगी थी।

मां के हवाले से जागरण ने पहले ही दिन बता दिया था

कविता के हवाले से दैनिक जागरण ने पहले ही दिन बता दिया था कि दंपती हो सकते हैं अपहरणकर्ता। कविता ने जागरण से बातचीत में कहा था कि पति-पत्नी उनके बच्चों से मिलने आते रहते थे। बहाना ढूंढते थे। बार-बार एक बच्चे को गोद देने के लिए कहते थे। वह मना कर देती थी।

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