कायाकल्प टीम ने लिया अस्पताल में फाइनल राउंड, सुधार के लिए दिए सुझाव

स्वच्छ भारत अभियान के तहत हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर (एचएसएचआरएस) हर साल सरकारी चिकित्सीय फैसिलिटी केंद्रों के लिए कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा करता है। इसी कड़ी में कायाकल्प टीम सोनीपत से सिविल अस्पताल में पहुंची। साफ-सफाई व्यवस्था को ठीक बताकर और बेहतर करने का सुझाव दिया।

JagranMon, 13 Sep 2021 09:31 PM (IST)
कायाकल्प टीम ने लिया अस्पताल में फाइनल राउंड, सुधार के लिए दिए सुझाव

जागरण संवाददाता, पानीपत : स्वच्छ भारत अभियान के तहत हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर (एचएसएचआरएस) हर साल सरकारी चिकित्सीय फैसिलिटी केंद्रों के लिए कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा करता है। इसी कड़ी में कायाकल्प टीम सोनीपत से सिविल अस्पताल में पहुंची। साफ-सफाई व्यवस्था को ठीक बताकर और बेहतर करने का सुझाव दिया।

स्टाफ नर्सेस से संक्रमण नियंत्रण तो सफाई कर्मचारियों से पोछा कैसे लगाते हैं, जैसे सवाल पूछे गए। कायाकल्प की टीम तीन राउंड में अस्पताल का निरीक्षण करती है। सोमवार को पहुंची चार सदस्यीय टीम फाइनल निरीक्षण करने पहुंची। इसी आधार पर अस्पताल को अंक मिलने हैं। टीम ने डायलिसिस सेंटर, कोविड लैब, स्वाब सैंपल कार्नर, इमरजेंसी, रेडियोलाजी व ओपीडी ब्लाक का निरीक्षण किया।सभी वार्ड, सिस्टर रूम, शौचालय देखे। ठोस-लिक्विड मेडिकल बायोवेस्ट का रखरखाव, निस्तारण की प्रक्रिया के विषय में जानकारी जुटाई।

टीम में डा. आदर्श, डा. संदीप, स्टाफ नर्स विमला शामिल रहे। इस मौके पर अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. अमित पोरिया, संक्रमण नियंत्रण अधिकारी डा. सुनिधि वर्मा, सोहन मौजूद रहे। विगत दो वर्षों की रिपोर्ट

नौ अक्टूबर-2020 को एचएसएचआरएस ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा की थी। अंबाला सिविल अस्पताल को प्रथम रैंक(50 लाख रुपये) मिला था। दूसरे नंबर पर पंचकूला का सिविल अस्पताल रहा था। तब पानीपत के हिस्से में बतौर पुरस्कार मात्र तीन लाख रुपए आए थे। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अस्पताल नौवें स्थान पर रहा था। 95 अंकों की तैयारी

अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. अमित पोरिया ने बताया कि कायाकल्प की सूची में शामिल होने के लिए 100 में से 70 अंक जरूरी हैं। फाइनल राउंड में 100 में से 95 अंक का लक्ष्य तय किया गया है। चेक लिस्ट के अनुसार हर बिदु पर ध्यान दिया जा रहा है। इन बिदुओं पर अधिक ध्यान

-अस्पताल का फर्श हमेशा साफ-सुथरा और कीटाणु रहित रहना।

-आपरेशन थियेटरों का ठीक ढंग से फ्यूमिगेशन कराना।

-ओपीडी ब्लाक, वार्डों में अलग-अलग रंग के डस्टबिन।

-सभी पार्कों में हरियाली बनाए रखना और डस्टबिन रखना।

-वार्ड के बाहर बोर्ड पर डाक्टर, स्टाफ, स्वीपर का नाम।

-शौचालयों का हमेशा साफ-सुथरा रखना।

-मेडिकल उपकरणों का स्टरलाइजेशन।

-मरीजों के बेड पर चादर-तकिया साफ-सुथरे रहना।

-मरीज-तीमारदार गंदगी न फैलाएं, उन्हें जागरूक करना।

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