कांवड़ यात्रा पर रोक, सावन शुरू होते ही पानीपत डाकघर में 5 गुना बढ़ी गंगाजल की बिक्री

कांवड़ यात्रा पर रोक होने के चलते इस बार डाकघरों में गंगाजल की बिक्री पांच गुना तक बढ़ गई है। श्रद्धालुओं की आस्‍था को ध्‍यान में रख्‍तो हुए स्‍टाक भी पर्याप्‍त मात्रा में रख गया है। साथ ही लगातार डिमांड भी भेजी गई है।

Anurag ShuklaWed, 28 Jul 2021 10:48 AM (IST)
डाकघर में गंगाजल की डिमांड लगातार बढ़ रही।

पानीपत, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भी हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई हुई है। भगवान शिव में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब मुख्य डाकघर और उप डाकघर ही नो प्राफिट-नो लास पर गंगाजल उपलब्ध करा रहे हैं। सावन मास शुरू होते ही गंगाजल की बिक्री पांच गुना बढ़ गई है।

जीटी रोड स्थित डाकघर के पोस्ट मास्टर नरेश धीमान ने बताया कि डाकघर में 30 रुपये देकर 250 एमएल गंगाजल खरीद सकते हैं। यह सेवा डाकघर में कई वर्षों से जारी है। जलाभिषेक वाले दिन डाकघर कर्मी शहर-देहात के प्रमुख मंदिरों में स्टाल लगाकर गंगाजल की बिक्री करेंगे। डाकघर में एक काउंटर खोला गया है। शिव जलाभिषेक के लिए कोई भी व्यक्ति विशेष कांउटर से गंगाजल की बोतल खरीद सकता है। काउंटर पर भीड़ बढऩे पर दूसरा काउंटर भी खोला जाएगा। हरिद्वार से गंगाजल का स्टाक पहले करनाल हेड आफिस पहुंचता है। वहां से पानीपत के डाकघर में लाया जाता है।

पोस्टमास्टर के मुताबिक फिलहाल हमारे पास गंगाजल की करीब 41 बोतल का स्टाक है, 500 बोतल की डिमांड भेज दी गई है। गंगाजल खरीदने वाले से नाम-पता नहीं पूछा जाएगा, फार्म नहीं भरना पड़ेगा। इसे जीएसटी से भी मुक्त रखा गया है।

एक दिन में बिकी थी 300 से अधिक बोतल

पोस्ट मास्टर ने बताया कि सावन शुरू होने से पहले एक-दो बोतल रोजाना बिकती थीं। अब आठ-दस बिक रही हैं। पिछले वर्ष जलाभिषेक के दिन 300 से अधिक बोतल बिकी थी।

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