जींद में 17 माह बाद जिला परिवेदना समिति की बैठक, विधायक के साथ कुर्सी विवाद के बाद कोरोना ने लगाया अड़ंगा

आज जींद में 17 माह बाद जिला परिवेदना समिति की बैठक होगी। किसानों के विरोध को देखते हुए केवल अधिकारी ही शामिल होंगे। बैठक में कुल 12 शिकायतें शामिल की गई हैं। विधायक कृष्ण मिढ़ा से कुर्सी विवाद के बाद से बैठक नहीं हो पाई थी।

Umesh KdhyaniFri, 11 Jun 2021 11:34 AM (IST)
जींद में एसीएस धीरा खंडेलवाल फरियादियों की शिकायतें सुनने आएंगी।

जींद, जेएनएन। जिला परिवेदना समिति की करीब साढ़े 17 माह बाद से बैठक नहीं हुई है। शुक्रवार को डीसी कार्यालय के कान्फ्रेंस हाल में सुबह साढ़े 10 बजे अतिरिक्त मुख्य सचिव आइएएस धीरा खंडेलवाल फरियादियों की शिकायतें सुनेंगी।

बैठक में कुल 12 शिकायतें शामिल की गई हैं। बैठक के लिए फरियादियों और जिन विभागों से संबंधित शिकायतें हैं, उन अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। पिछले साल 27 जनवरी को राज्य मंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में जिला परिवेदना समिति की बैठक हुई थी। उस बैठक में बीजेपी विधायक डॉ. कृष्ण मिढ़ा मंच पर कुर्सी न मिलने से नाराज हो गए थे और बैठक छोड़ कर चले गए थे। परिवेदना समिति के भाजपा सदस्यों रामफल शर्मा, हरिदास सैनी, ओमप्रकाश बैठक का बहिष्कार करते हुए बाहर जाने लगे और राज्य मंत्री से कहा था कि उनके विधायक का अपमान किया गया है। उसके बाद राज्य मंत्री अनूप धानक खुद विधायक को अपनी गाड़ी बैठाकर लाए थे। उसके बाद कोरोना काल, फिर किसान आंदोलन की वजह से बैठक नहीं हो पाई।

किसान आंदोलन के चलते बढ़ी समस्या

बीजेपी-जेजेपी के मंत्री व विधायकों के किसान आंदोलन के चलते हो रहे विरोध के कारण जिला परिवेदना समिति की बैठक के लिए राज्य मंत्री अनूप धानक की जगह अतिरिक्त मुख्य सचिव आइएएस धीरा खंडेलवाल को जींद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साढ़े 17 माह के दौरान सैकड़ों शिकायतें प्रशासन के पास पहुंचीं। कोविड-19 के चलते केवल फरियादी और संबंधित विभागों के अधिकारी ही बैठक में शामिल होंगे। 

जिंदा आदमी को दिखाया मृत, नहीं बन रही फैमिली आइडी

एजेंडे में शामिल कुल 12 मामलों में मारपीट, आपसी जमीनी विवाद, अवैध कब्जे, फसल बीमा योजना के तहत खराब फसल का क्लेम ना मिलने, जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित हैं। भिवानी रोड निवासी गूगन राम ने शिकायत दी है कि वह फैमिली आइडी बनवाने के लिए 16 फरवरी को सीएससी में आवेदन करने के लिए गया था। कंप्यूटर पर चेक करने पर पता चला कि उसे रिकार्ड में मृत दिखाया गया है। सरकारी अस्पताल में पता किया, तो वहां भी उसे मृत दिखाया गया है। शिकायतकर्ता ने अपने मृत्यु प्रमाण पत्र को रद करके फैमिली आइडी बनवाने और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं मिला

उचाना कलां के ईश्वर श्योकंद की शिकायत है कि उसकी पांच एकड़ में कपास की फसल खराब हो गई थी। फसल का बीमा करवाया हुआ था। दो साल पहले भी फसल खराब हुई थी। लेकिन खराब हुई फसल की बीमा राशि नहीं मिली है। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए दो साल पहले सिक्योरिटी भरी थी। कनेक्शन नहीं मिला है। वहीं मोरपत्ती नरवाना निवासी लीलू राम ने शिकायत दी है कि उसने जुलाई 2020 में फसल का बीमा कराया था। कपास और धान की फसल थी। धरौदी रोड और रेलवे रोड के बीच पानी भरने के कारण उसकी फसल खराब हो गई। लेकिन उसे खराब फसल का मुआवजा नहीं मिला। 

भाइयों ने जमीन पर किया कब्जा

गांव डिडवाड़ा निवासी धर्मपाल ने अपने भाइयों के खिलाफ शिकायत दी हुई है। उसने आरोप लगाया है कि दो भाइयों ने उसकी हिस्से की जमीन और बाइक छीन ली। जमीन पर नाजायज कब्जा कर ट्रैक्टर से जोत लिया है। उसे व उसकी पत्नी तथा बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी है। 

रिहायशी क्षेत्र में आरा होने से आ रही दिक्कत

वहीं गांव मुआना निवासी चैन सिंह ने शिकायत दी है कि उसके घर के पास एक व्यक्ति ने रिहायशी क्षेत्र में आरा लगाया हुआ है। जो दिन-रात चलता है। जिसकी ध्वनि से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। आरा के आसपास हमेशा धूल उड़ती रहती है। लोगों के मकान में भी दरारें आई हुई हैं।

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