जेबीएम कूड़ा उठान में फेल, मेयर ने मंत्री को एक लाख जुर्माने का पत्र भेजा

जागरण संवाददाता, पानीपत : जेबीएम कंपनी शहर का कूड़ा उठाने में फेल साबित हो रही है। मेयर अवनीत कौर के स्कूटी पर शहर के औचक निरीक्षण के दौरान यह हालात सामने आए। उन्होंने निगम कमिश्नर ओमप्रकाश को पत्र लिखकर कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। उन्होंने इसकी एक कॉपी शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज और शहरी विधायक प्रमोद विज को भी भेजी है। मेयर कंपनी के खिलाफ इससे पहले भी कार्रवाई की सिफारिश कर चुकी हैं। अब देखना है कि अफसरशाही कंपनी पर जुर्माना लगाती है या नहीं।

मेयर अवनीत कौर ने मंगलवार तीसरे पहर 3 बजे पालिका बाजार स्थित कार्यालय से स्कूटी पर शहर की सफाई का निरीक्षण शुरू किया। वे हेलमेट लगाकर खुद स्कूटी पर रवाना हुई। वे इंसार बाजार, सुभाष बाजार, हलवाई हट्टा और कलंदर चौक से होते हुए वार्ड-11 में पहुंची। यहां पर रामलाल स्कूल के आसपास दो जगह कूड़े के ढेर मिले। स्थानीय लोगों से कंपनी की कार्यप्रणाली के बारे में जाना। लोगों ने बताया कि वार्ड-11 और रामलाल स्कूल के आसपास कूड़े के ढेर हर समय लगे रहते हैं। यहां से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में उनको परेशानी का सामना करना पड़ता है। वे पांच बजे अपने कार्यालय वापस पहुंची। मेयर ने सिफारिश में यह लिखा

मेयर अवनीत कौर ने जेबीएम कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। उन्होंने कमिश्नर ओमप्रकाश को लिखे पत्र में कहा कि दो घंटे तक शहर की सफाई का निरीक्षण किया। पहले ही अपेक्षा सफाई में कुछ सुधार तो नजर आया, लेकिन दो जगह कूड़े के ढेर मिले हैं। स्थानीय लोगों ने यहां पर हर समय कूड़े के ढेर लगे होने की जानकारी दी है। जेबीएम नहीं जीत सकी विश्वास

जेबीएम कंपनी ने 18 फरवरी 2018 को शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू किया था। पहले चरण में शहर के चार वार्ड शामिल किए थे। कंपनी शुरुआती दौर में ही ठीक से काम नहीं सकी। पार्षदों और शहरवासियों ने कंपनी के खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी। पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह ने कंपनी का एक ट्रैक्टर ट्राली पकड़ा था। उनका आरोप था कि कंपनी कूड़े की जगह मलबे का वजन कराकर शहर को चूना लगा रहे हैं। नगर निगम के हाउस की बैठक में भी कंपनी के खिलाफ आवाज उठ चुकी हैं। मेयर ने 4 नवंबर को जेबीएम के अधिकारियों की बैठक ली थी। इसके बाद अधिकारियों के साथ शहर का दौरा किया था। उनक कई जगह कूड़ा मिला था।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.