पानीपत सिविल अस्पताल का जन औषधि केंद्र सील, रेडक्रास की कार्रवाई

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को सील कर दिया गया।

हरियाणा के पानीपत का सिविल अस्‍पताल का प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र सील कर दिया गया। अनुबंध के मुताबिक जमा नहीं कराए पौने तीन लाख रुपये। निरीक्षण में मिली लोकल परचेज की मेडिसिन। जिला रेडक्रास सोसाइटी की टीम ने कार्रवाई की।

Anurag ShuklaThu, 25 Feb 2021 04:46 PM (IST)

पानीपत, जेएनएन। सिविल अस्पताल स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बुधवार को सील कर दिया गया। डीसी धर्मेंद्र सिंह के आदेश पर जिला रेडक्रास सोसाइटी की टीम ने कार्रवाई की है। केंद्र के  संचालक पर आरोप है कि अनुबंध के मुताबिक उसे हर माह 22 हजार रुपये (कुल रकम लगभग पौने तीन लाख रुपये) सोसाइटी के खाते में जमा कराने थे। जनवरी 2020 से रकम जमा नहीं कराई जा रही थी।

सोसाइटी के सचिव गौरव रामकरन ने बताया कि अंकित गोयल के साथ केंद्र संचालन के लिए अनुबंध जून 2019 में हुआ था। गोयल को हर माह 20 हजार रुपये सोसाइटी के खाते में जमा कराने थे। जुलाई 2020 में रिन्यूअल हुआ, 10 फीसद की वृद्धि की गई। यानि, गोयल को हर माह 22 हजार रुपये जमा कराने थे। आरोप है कि जनवरी 2020 के बाद उसने रकम जमा करानी बंद कर दी। करीब एक साल में तीन बार नोटिस भी जारी किए गए, जबाव नहीं दिया। इसके अलावा केंद्र में ब्यूरो आफ फार्मा पीएसयू आफ इंडिया (बीपीपीआइ) की दवाईयों के अलावा लोकल परचेज की मेडिसिन बिक्री की भी लगातार शिकायतें मिल रही थी।

डीसी के आदेश पर अंकित गोयल से सोसाइटी का अनुबंध खत्म कर दिया गया है। जन औषधि केंद्र में रखी मेडिसिन, रेफ्रीजरेटर सहित अन्य सामान जब्त कर लिया है। एक-दो दिन में सामान उठवाकर, अस्पताल की जगह को खाली कर दिया जाएगा।

बिकती मिली थी बाहरी मेडिसिन

शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुधीर बतरा, जिला औषधि नियंत्रक विजया राजे और डिप्टी एमएस डा. अमित पोरिया को शामिल किया गया। 23 फरवरी को हुए निरीक्षण में 35 प्रकार की मेडिसिन ऐसी मिली, जो बीपीपीआइ की नहीं थी। लोकल परचेज की दवा बेचने का अनुमति पत्र भी अंकित गोयल नहीं दिखा सका। दवा सेल-परचेज का रिकार्ड भी दुरुस्त नहीं

था।

अब फ्लाई ओवर के नीचे खुलेगा

रेडक्रास सोसाइटी अब जन औषधि केंद्र को सिविल अस्पताल के आसपास,फ्लाई ओवर के नीचे खोलने की तैयारी कर रही है। फेब्रीकेशन का ढांचा तैयार होगा। बीपीपीआइ की गाइडलाइन के अनुसार केंद्र 24 घंटे, सातों दिन खुलेगा। बीपीपीआइ द्वारा सप्लाई मेडिसिन ही बेची जाएंगी।

डीजी हेल्थ के थे आदेश :

 महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, हरियाणा ने नवंबर 2020 में केंद्र को अस्पताल से बाहर शिफ्ट कराने के आदेश अस्पताल प्रशासन को दिए थे। अंकित गोयल की प्रार्थना पर डीसी ने महानिदेशक को पत्र भेज कर केंद्र की उपयोगिता बताई और शिफ्ट नहीं कराने की बात कही। डीजी हेल्थ के दोबारा आदेश दिए तो ङ्क्षप्रसिपल मेडिकल आफिसर ने पुन: संचालक को निर्देश दिए कि केंद्र को बाहर शिफ्ट करें, वरना सील कर दिया जाएगा।

450 मरीज खरीदते थे दवा

सिविल अस्पताल की डिस्पेंसरी में मेडिसन का अभाव बना रहता है। आपोडी स्लिप पर लिखी सभी दवाइयां नहीं मिल पाती थी। ऐसे में मरीज मजबूरी में जन औषधी केंद्र से दवा खरीदते थे। बताया गया है कि लगभग 450 मरीज केंद्र में दवा खरीदने पहुंचे थे। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.