महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए निकली जागृति रैली

हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेशभर में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के बारे में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू की गई साइकिल रैली जागृति यात्रा का करनाल बार्डर एसडी कालेज और डीएवी पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन में पहुंचने पर फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।

JagranPublish:Sat, 20 Nov 2021 07:05 PM (IST) Updated:Sat, 20 Nov 2021 07:05 PM (IST)
महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए निकली जागृति रैली
महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए निकली जागृति रैली

जागरण संवाददाता, पानीपत : हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेशभर में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के बारे में सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू की गई साइकिल रैली जागृति यात्रा का करनाल बार्डर, एसडी कालेज और डीएवी पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन में पहुंचने पर फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस मौके पर एएसपी विजय सिंह ने बताया कि डीजीपी प्रशांत कुमार अग्रवाल ने साइकिल रैली जागृति यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। एसीपी ममता सौदा के नेतृत्व में यह साइकिल रैली 16 पुलिस महिला साइकिलिस्ट टीम के साथ 25 दिनों में 23 पुलिस जिलों को कवर करते हुए 1194 किलोमीटर का सफर तय करेंगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करके और महिलाओं की सुरक्षा में पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियों की भूमिका के बारे में शिक्षित करके महिला सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस मौके पर डीएसपी प्रदीप कुमार, थाना महिला एसएचओ सुनीता और एसडी कालेज के प्रिसिपल डा. अनुपम अरोड़ा मौजूद रहे। डरना नही, कहना है : ममता सौदा

किसी भी अपराध के घटित होने पर पीड़ित के चुप रहने से अपराध बढ़ता है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ये शब्द महिला साइकिलिस्ट टीम का नेतृत्व कर रही एएसपी ममता सौदा ने एसडी कालेज में छात्राओं को कहे। उन्होंने कहा कि समाज को महिलाओं के प्रति मानसिकता बदलने की जरूरत है। मानसिकता बदलने से ही देश तरक्की करेगा। छोटी-छोटी बातों पर फैसला लेना सीखें। जब तक नारी मन और शरीर से मजबूत नहीं होगी। सशक्त होना संभव नहीं। माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें ताकि बच्चे महिलाओं का सम्मान करना सीखें। महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। अगर महिलाएं जागरूक होगी और किसी प्रकार की आपराधिक घटना की सूचना तुरंत पुलिस को देंगी तो महिला विरुद्ध अपराधों में कमी आएगी। अपराधियों को सजा भी दिलवाई जा सकेगी।