पंचायती राज विभाग की पहल, यमुनानगर के 60 तालाबों का पानी होगा साफ

हरियाणा पंचायती राज विभाग ने तालाबों की सफाई के मुहिम शुरू की है। विभाग की ओर से यमुनानगर के 60 तालाबों का पानी साफ किया जाएगा। इन तालाबों का जीर्णोद्धार काम जल्‍द शुरू हो जाएगा। इन तालाबों को आपस में इंटरकनेक्‍ट किया जाएगा।

Anurag ShuklaSat, 23 Oct 2021 11:12 AM (IST)
यमुनानगर के 60 तालाबों को स्‍वच्‍छ किया जाएगा।

यमुनानगर, जागरण संवाददाता। यमुनानगर के 60 तालाबों का जीर्णोद्धार का काम जल्द शुरू होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने टेंडर लगाए हैं। यह कार्य कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और ग्रे वाटर के तहत किया जाएगा। जिस पर कई करोड़ रुपये की लागत आएगी। यदि किसी गांव में एक से अधिक तालाब हैं तो उन्हें आपस में इंटरकनेक्ट किया जाएगा। इससे गांवों में तालाबों से पानी के ओवरफ्लो होने वाली समस्या खत्म हो गई। तालाबों के पानी को मछली पालन से लेकर कृषि कार्यों में भी प्रयोग किया जाएगा। टेंडर अलॉट होने के बाद यह काम शुरू हो जाएगा।

तीन तकनीक से साफ होगा पानी

जल जीवन मिशन के तहत तालाबों की सफाई पर प्रदेश सरकार ने इस साल दो हजार करोड़ की परियोजना पर काम शुरू किया है। इसमें से आधी राशि केंद्र सरकार व बाकी प्रदेश सरकार द्वारा खर्च की जाएगी। बताया जा रहा है कि प्रदेश के करीब 14 हजार तालाबों की सफाई की योजना है। जिसमें यमुनानगर से फिलहाल 60 तालाबों का चयन किया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत गांवों के तालाब को शुद्ध करने के लिए तीन तकनीक अपनाई जाएंगी, जिनमें एक वैट लैंड है। जिससे पानी की बीओडी कम होगी। वहीं दूसरा तरीका सींचेवाला है, इसके तहत तीन कुंए बनाए जाएंगे। इससे रोटेशन के माध्यम से पानी साफ होगा।

पहले पौंड डेवलपमेंट अथारिटी भी कर रही सफाई

प्रदेश में तालाबों की सफाई के लिए पौंड डेवलपमेंट अथारिटी आफ हरियाणा जल ही जीवन है योजना के तहत तालाबों की सफाई का कार्य कर रही है। कई गांवों में थ्री पौंड सिस्टम पर भी काम हुए हैं। अब जैविक विधि को अपनाया जाएगा। इसमें तालाब की तीन फीट तक खुदाई होगी। चारों तरफ साइकिल ट्रैक व पार्क आदि बनाने की योजना है। पानी की गंदगी को खत्म करने के लिए मछलियों को छोड़ा जाएगा।

तालाबों की खोदाई होगी, किनारों को किया जाएगा मजबूत

गांवों में अक्सर समस्या बनी रहती है कि थोड़ा सा पानी आते ही तालाब ओवरफ्लो हो जाते हैं। जिनका सारा पानी तालाब से बाहर आकर गांव की गलियों में जमा रहता है या फिर वह खेतों में जाकर फसलों को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए जिन 60 तालाबों का चयन किया गया है उनकी खोदाई कराई जाएगी। यह खोदाई मनरेगा या फिर जेसीबी से कराई जा सकती है। अंदर से निकले वाली मिट्टी व गाद को तालाबों के किनारों पर लगाया जाएगा। इससे किनारे मजबूत व ऊंचे भी होंगे। किनारे ऊंचे होने से इनके ओवरफ्लो होने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

टेंडर लगा दिया है : शिवकुमार भारद्वाज

पंचायती राज विभाग के एक्सइएन शिवकुमार भारद्वाज का कहना है कि 60 तालाबों का चयन सफाई के लिए किया गया है। इन तालाबों में जिस तरफ से पानी आता है वहां 100 गुणा 100 फुट जगह में पत्थर, पौधे लगाए जाएंगे। ताकि नालियों के माध्यम से जो गंदगी आती है वह इसमें गिर जाए। इनमें से साफ पानी ही तालाब में जाए। इस पानी का प्रयोग लोग खेती, पशुओं को पिलाने व मछली पालन के लिए कर सकेंगे।

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