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पानीपत में कंपाउंडर को हनीट्रैप में फंसाया, 3 लाख में तय हुआ समझौता, एसआइ गिरफ्तार

पानीपत में कंपाउंडर को हनीट्रैप में फंसाया गया।

पानीपत में हनीट्रैप में कंपाउंडरको फंसाया गया। समझौते का दबाव बनाने के आरोप में एसआइ गिरफ्तार किया गया। कंपाउंडर पर दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराया फिर तीन लाख की रिश्वत मांगी थी। आरोपित एसआइ सिलकराम समालखा चालान ब्रांच में इंचार्ज था।

Anurag ShuklaSat, 15 May 2021 10:19 PM (IST)

पानीपत, जेएनएन। हनीट्रैप में फंसाने के आरोपितों का साथ देने और पीड़ित कंपाउंडर पर समझौता करने का दबाव डालने के आरोपित समालखा थाना में चालान ब्रांच के इंचार्ज सबइंस्पेक्टर सिलकराम को थाना शहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित एसआइ को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।

आरोपित एसआइ सिलकराम पर ये भी आरोप लगा है कि उसने खुद को थाना शहर पुलिस का इंस्पेक्टर बताया। जेल में डालने की धमकी दी। पीड़ित के पास आरोपित की काल रिकार्डिंग भी है। आरोपित सिलकराम तत्कालीन एसपी पूजा वशिष्ठ, डीएसपी बिजेंद्र सिंह और डीएसपी राजेश फोगाट का रीडर भी रह चुका है। इस बारे में डीएसपी मुख्यालय सतीश कुमार वत्स ने बताया कि पीड़ित कंपाउंडर ने काल रिकार्डिंग पुलिस को सौंप दी है। इसमें आरोपित एसआइ की आवाज है।

यह है मामला

मनाना गांव स्थित पशु अस्पताल में तैनात 53 वर्षीय कंपाउंडर ने पुलिस को शिकायत दी कि उसकी रात की ड्यूटी रहती है। 23 मार्च की शाम 5:30 बजे उसके गांव का युवक, एक महिला को साथ लेकर उसके कार्यालय पहुंचा। महिला को अपनी परिचित बताया। युवक ने उसे चाय के लिए बोला तो उसने कहा कि दूध नहीं है। वह दूध लेने के लिए चला गया। वापस लौटा तो युवक और महिला आपत्तिजनक हालत में मिले। इस पर विरोध जताया। दोनों ने कंपाउंडर के साथ मारपीट की।

कंपाउंडर के अनुसार, 25 मार्च को उसके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बोला कि तुमने महिला के साथ दुष्कर्म किया है। इसका केस दर्ज होने वाला है। केस से बचना चाहते हो तो पांच लाख रुपये देने होंगे। इतने रुपये देने में उन्होंने मना कर दिया। दोनों का तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ। 28 मार्च को कंपाउंडर ने समालखा थाने में आरोपित युवक व महिला की शिकायत दे दी।

इसके बाद महिला ने महिला थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया। एक पुलिसकर्मी ने इंस्पेक्टर बताकर फोन कर उस पर समझौता करने के लिए दबाव डाला। महिला के सहयोगी आरोपित प्रदीप ने उनके चचेरे भाई को देसराज कालोनी के नसीर नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया। नसीर ने 1 अप्रैल को भाई को सिविल अस्पताल बुलाया और तीन अप्रैल तक तीन लाख इंतजाम करने को बोला। रुपये मिलने के बाद महिला का शपथ पत्र कंपाउडंर को दिलाने की बात कही।

ऐसे पकड़ा गया था आरोपितों का सहयोगी

डीएसपी मुख्यालय सतीश कुमार वत्स ने बताया कि दुष्कर्म का झूठा मामला संज्ञान में आया। एसपी शशांक कुमार सावन के आदेश पर पंचायती राज के एसडीएओ, थाना शहर प्रभारी और महिला थाना प्रभारी की टीम पीड़ित कंपाउंडर के चचेरे भाई और पीड़ित के बेटे को साथ लेकर लघु सचिवालय के एटीएम के पास पहुंची। पीड़ित के भाई ने आरोपितों के सहयोगी देसराज कालोनी के नसीर को तीन लाख रुपये दिए। तभी नसीर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित महिला फरार हो गई थी।

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