Tokyo Olympics: हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र ने निभाया पिता से पदक लाने वाला वादा, मां बोली-अपनी शादी में भी इतनी खुशी न थी

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी को हराकर इतिहास रच दिया। ओलिंपिक में जाने से पहले हॉकी खिलाड़ी सुरेंद्र पालड़ ने पिता से मेडल लाने का वादा किया था। ओलिंपियन सुरेंद्र पालड़ हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं।

Anurag ShuklaThu, 05 Aug 2021 01:25 PM (IST)
मैच जीतने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते सुरेंद्र के पिता।

कुरुक्षेत्र, [विनोद चौधरी]। कुरुक्षेत्र के लाल ओलिंपियन सुरेंद्र कुमार पालड़ ने टोक्यो ओलिंपिक में जाते समय पिता मलखान सिंह से देश के लिए पदक लाने का वायदा किया था। वीरवार की सुबह ओलिंपिक के मैदान में उतरे बेटे ने अपने पिता से किया वादा निभाया तो पिता भी इस उपलब्धि से गदगद हो गया।

भारतीय टीम के जर्मनी पर 5-4 की जीत से देश की झोली में कांस्य पदक आते ही सुरेंद्र के पिता मलखान सिंह ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है। वह भारतीय टीम और अपने बेटे के प्रदर्शन से गदगद हैं। टीम की जीत के बाद सुरेंद्र के घर पर बधाई देने वालोें तांता लगा रहा। बेटे के वायदे की बात बताते हुए पिता मलखान सिंह कई बार भावुक हुए और उनकी आंखों से खुशी की आंसुओं की नमी झलकने लगी। टीम की जीत के बाद घर से बाहर गली में अकेली बैठी सुरेंद्र का माता नीलम की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

मां बोली उसकी कही बात का रखा मान, मिली जीवन की सबसे बड़ी खुशी

भारतीय टीम के कांस्य पदक जीतते ही सुरेंद्र पालड़ की माता नीलम देवी ने कहा कि उसके बेटे ने आज उसकी कही बात का मान रखा है। उसे आज अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी मिली है। आज से पहले इतनी बड़ी खुशी उन्हें कभी नहीं मिली। मेरी शादी में भी इतनी खुशी न थी। बेटे के पदक जीतने की खुशी में भावुक होते हुए बोली की शादी का सभी चाव होता है लेकिन इतनी खुशी उन्हें तब भी नहीं मिली थी जब सुरेंद्र के पिता दुल्हा बनकर आए थे। उन्होंने ओलिंपिक में गए सुरेंद्र को कहा था कि बेटा देश के लिए पदक लेकर लौटना। आज सुरेंद्र ने उसकी बात को पूरा कर दिखाया। उन्होंने अपने बेटे काे बचपन से ही अपने हिस्से का दूध और रोटी खिलाकर देश के लिए पदक लेकर आने के लायक बनाया है।

मैच जीतते ही लगा बधाई देने वालों तांता

भारतीय टीम के मैच जीतते ही उसके परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया। घरों से बाहर निकले पड़ोसियों ने सुरेंद्र की माता-पिता, भाई नरेंद्र और भाभी को बधाई दी। भारत की जीत की लड्डू बांटे गए। प्रदेश के खेल मंत्री संदीप सिंह ने भी टीम को जीत पर बधाई दी। थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने सेक्टर आठ स्थित सुरेंद्र के नए मकान पर पहुंचकर उसके माता-पिता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने आज अपना वायदा पूरा किया। बेशक गोल्ड से चूक गए, लेकिन 41 साल बाद पदक देश की झोली में डाल दिया। क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष धर्मपाल चौधरी डीपी ने कहा कि पदक लेकर लौटे कुरुक्षेत्र के लाल सुरेंद्र का भव्य स्वागत किया जाएगा।

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