तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग, जींद में डिप्टी डायरेक्टर ने लिया जायजा

कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप देखते हुए अब स्‍वास्‍थ्‍य विभाग कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। इसी वजह से तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग अभी से जुट गया है। बुधवार को डिप्टी डायरेक्टर ने भी जायजा लिया।

Anurag ShuklaWed, 16 Jun 2021 05:59 PM (IST)
अस्पताल प्रशासन ने बच्चों के लिए चार वेंटिलेटर, दवाइयों व मानिटर की डिमांड।

जींद, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर आने की आशंका के चलते अभी से तैयारी में जुट गया है। तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण के चपेट में आने की आशंका है, इसलिए विभाग उसी अनुरूप तैयारियां कर रहा है।

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी डायरेक्टर डा. वर्षा ने अस्पताल में पहुंचकर अब तक की तैयारियों का जायजा लिया। जहां पर उन्होंने नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। जहां पर थोड़ी बहुत कमी को देखकर तुरंत प्रभाव से उसको दूर करने के निर्देश दिए। दूसरी लहर के दौरान जो दिक्कत आई थी उनसे सबक लेकर अभी से उन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

बाद में नागरिक अस्पताल के एसएमओ डा. गोपाल गोयल ने नए उपकरण उपलब्ध करवाने संबंधित लिस्ट सौंपी गई। तीसरी लहर में बच्चों को प्रभावित होने की आशंका को देखते दो वेंटिलेटर बड़े बच्चों के लिए व दो वेंटिलेटर एक साल से कम आयु के बच्चे के लिए डिमांड की गई। इसके अलावा दूसरी लहर के दौरान खरीदी गए आक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए छोटे सर्किट व बच्चों संबंधित दवाइयों की डिमांड दी गई। डिप्टी डायरेक्टर ने अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई गई डिमांड लिस्ट के अनुरूप जल्द ही सामान उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया।

कोविड वार्ड में 18 बेड होंगे बच्चों के लिए

नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) बनाया गया है। पहले इस भवन में कोविड वार्ड बनाया गया था। दस दिन पहले ही यहां पर दाखिल कोरोना मरीजों को नए भवन में शिफ्ट करके इसे सैनिटाइज करके वहां पर पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) बनाई गई है। वार्ड में 70 बेड की व्यवस्था है। इसमें 18 बेडों पर बच्चों के लिए व्यवस्था की गई है।

मानिटर की डिमांड दी

कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत में कोरोना मरीजों की आक्सीजन लेवल व पल्स रेट को जांचने के लिए आक्सीमीटर की समस्या सामने आई थी। इसलिए अस्पताल प्रशासन ने इस बार पल्स रेट व आक्सीजन लेवल जांचने के लिए हर बेड पर मानिटर लगाने के लिए मानिटर व बड़े आक्सीजन कंसंट्रेटर की डिमांड भेजी गई है।

बच्चों के इलाज के लिए स्टाफ को दिया जाएगा प्रशिक्षण

जिले में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सिविल सर्जन डा. मनजीत सिंह ने बताया कि संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। विभाग के पास बाल रोग विशेषज्ञों की कमी है। इसलिए पैरामेडिकल स्टाफ को बच्चों के इलाज से संबंधित ट्रेनिंग दी जाएगी।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है। डिप्टी डायरेक्टर ने दौरा करके तैयारियों का जायजा लिया है। जिन उपकरणों की जरूरत है उसकी डिमांड की लिस्ट दी गई है। कोविड वार्ड में बच्चों के लिए अलग से बेडों की व्यवस्था की गई है।

डा. गोपाल गोयल, एसएमओ नागरिक अस्पताल जींद

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