Haryana weather update: हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून, इस दिन होगी मूसलाधार बारिश

हरियाणा का मौसम 27 जुलाई से बदलेगा। 29 जुलाई तक बारिश के आसार हैं। 29 जुलाई को मूसलाधार बारिश हो सकती है। पूरे हरियाणा को मानसून की बरसात 28 व 29 को पूरी तरह से कवर कर लेगी। इससे फसलों को फायदा होगा।

Umesh KdhyaniSun, 25 Jul 2021 03:45 PM (IST)
हरियाणा में जुलाई माह में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बरसात हो चुकी है।

जागरण संवाददाता, करनाल। प्रदेश में एक बार फिर मानसून की अच्छी बरसात का माहौल बना है। जुलाई माह के अंतिम सप्ताह हरियाणा को अच्छी बरसात देकर जाएगा। करनाल में दोपहर को बरसात का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि पूरे प्रदेश को मानसून की बरसात 28 व 29 को पूरी तरह से कवर कर लेगी।

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून की प्रगति अच्छी होगी। इसके साथ ही 29 जुलाई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बरसात की संभावना है। तीन दिन होने वाली इस संभावित बरसात से आंकड़ा सरप्लस हो जाएगा। इस समय हरियाणा में जुलाई माह में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बरसात हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक अब तक 153.9 एमएम दर्ज की जा चुकी है।

पश्चिमी प्रशांत महासागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ने संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली मौसम प्रणालियों को सक्रिय करने के लिए कार्य किया है। वहीं 22 जुलाई को बंगाल की खाड़ी पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना था जोकि महीने का दूसरा और मानसून का तीसरा मौसमी सिस्टम था। यह 23 जुलाई को प्रभावी था लेकिन फिर इसकी तीव्रता में कमी आ गई। फिर भी 26 व 27 जुलाई को बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग पर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। लेकिन यह डिप्रेशन से कम प्रभावी रहेगा। मानसून मौसम के अभी तक के दौर में भारतीय समुद्रों पर एक भी डिप्रेशन या डीप डिप्रेशन देखने को नहीं मिला है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में बंगाल की खाड़ी पर तीसरे निम्न दबाव क्षेत्र के बाद, उस क्षेत्र में किसी अन्य सिस्टम के आने के कोई संकेत नहीं हैं।

इस समय यह बना है देश भर में मौसमी सिस्टम

झारखंड और ओडिशा से सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ पर एक गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। संबद्ध चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र औसत समुद्र तल से 5.8 किमी तक फैला हुआ है। मानसून की टर्फ रेखा अनूपगढ़, अलवर, शिवपुरी, सतना, गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र से होते हुए चांदबली और फिर दक्षिण पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। एक अपतटीय टर्फ रेखा महाराष्ट्र तट से उत्तरी केरल तट तक फैली हुई है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है। इसका असर अभी हरियाणा पर नहीं दिखेगा। 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां सक्रिय होने से बरसात जोरों से शुरू हो जाएगी।

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