Gita Jayanti Mahotsav 2021: महाभारत और आजादी के महोत्सव को पत्थर पर तराशेंगे शिल्पकार, जुटेंगे देशभर के संत

Gita Jayanti Mahotsav 2021 गीता जयंती महोत्‍सव अब परवान चढ़ने लगा है। अब महोत्‍सव के दौरान गीता महाभारत और आजादी के महोत्‍सव को पत्‍थर पर तराशा जाएगा। वहीं महोत्सव के मुख्य आयोजन में 11 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे मुख्यातिथि।

Anurag ShuklaPublish:Sat, 04 Dec 2021 11:13 AM (IST) Updated:Sat, 04 Dec 2021 11:13 AM (IST)
Gita Jayanti Mahotsav 2021: महाभारत और आजादी के महोत्सव को पत्थर पर तराशेंगे शिल्पकार, जुटेंगे देशभर के संत
Gita Jayanti Mahotsav 2021: महाभारत और आजादी के महोत्सव को पत्थर पर तराशेंगे शिल्पकार, जुटेंगे देशभर के संत

कुरुक्षेत्र, [जगमहेंद्र सरोहा]। हरियाणा में लुप्त होती मूर्ति कला को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 में संजीवनी मिलेगी। देशभर के मूर्ति शिल्पकार मूर्तियों को अपने हाथों से तराशेंगे। इनको पहली बार महोत्सव में शामिल किया गया है। शिल्प मूर्तियों को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में ही स्थापित किया जाएगा। इसके लिए आठ से दस टन के 21 पत्थर मंगवाए गए हैं। ये मूर्तियां पांच से दस फीट ऊंची होंगी। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग हरियाणा इसके लिए खुद आगे आया है। विभाग के कला अधिकारी मूर्ति कला ह्रदय कौशल की अगुवाई में मूर्ति शिल्पकार महाभारत, गीता और आजादी के अमृत महोत्सव विषय को राजस्थान के काला संगमरमर पत्थर पर इन मूर्तियों को उकेरेंगे।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 में ब्रह्मसरोवर पर दूसरे दिन ही रंग दिखाई देने लगा है। इन्द्री के विधायक रामकुमार कश्यप, अंबाला मंडल आयुक्त रेनू पुलिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा और सीईओ अनुभव मेहता ने नारियल तोड़कर और पत्थर पर औजार चलाकर मूर्ति निर्माण कार्य का शुभारम्भ किया। शिल्प मेले के साथ शिल्प मूर्तिकारों ने भी मूर्ति बनानी शुरू कर दी है।

कला अधिकारी ह्रदय कौशल ने मूर्तिकारों को थीम दिया। मूल रूप से चरखी दादरी निवासी हृदय कौशल ने बताया कि हरियाणा अलग होने के बाद मूर्ति कला की दिशा में अपेक्षाकृत काम नहीं हो पाया था। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहली बार इसको शामिल किया गया है। इस महोत्सव से राज्य की आधुनिक मूर्ति कला को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी।

हरियाणा सहित कई प्रदेशों के मूर्तिकार हुए शामिल

18 दिवसीय राष्ट्रीय शिविर में 21 मूर्तिकार शामिल हुए हैं। इनमें नेमाराम नाथद्वार राजस्थान, राकेश पटनायक उड़ीसा, डा. स्नेहलता प्रसाद तेलंगाना, अरुणा दत्ती चौधरी आसाम, मीनाक्षी शर्मा कुरुक्षेत्र, दिनेश रोहतक, महीपाल सोनीपत, मदन भिवानी, अमित महम, हरपाल सिरसा, कुलदीप करनाल, मोनू, प्रिंस व गोल्डी कुरुक्षेत्र, वीरेंद्र चंडीगढ़, स्वीपराज सोनीपत, शुशांत गुरुग्राम, नरेंद्र झज्जर से हैं।

ओम बिरला और दो राज्यपाल पहुंचेंगे महोत्सव में

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 के मुख्य आयोजन नौ से 14 दिसंबर को होंगे। इनके मुख्यातिथि और विशिष्ट अतिथि को निमंत्रण दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 11 दिसंबर को महोत्सव में मुख्यातिथि रहेंगे। इनके साथ हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता और खेल मंत्री संदीप ङ्क्षसह आएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। नौ दिसंबर को महोत्सव के मुख्य आयोजन का शुभारंभ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत करेंगे। पर्यटन मंत्री कंवरपाल और खेल मंत्री संदीप ङ्क्षसह महोत्सव में पहुंचेंगे। 12 दिसंबर को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, 13 को परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और 14 को दीपोत्सव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ पहुंचेंगे।

देश के बड़े संत करेंगे मंथन

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में गत कई वर्षों से संत सम्मेलन कराया जा रहा है। इस बार 12 दिसंबर को पुरुषोत्तमपुरा बाग में दोपहर बाद दो से सायं चार बजे तक संत सम्मेलन किया जाएगा। सम्मेलन की अध्यक्षता गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद होंगे। इनके अलावा कार्षिणी स्वामी गुरु शरणानंद महाराज, योग ऋषि स्वामी रामदेव, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद, परमात्मानंद गुजरात, विश्वेश्वर आनंद महाराष्ट्र, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास, शंकराचार्य ज्ञानानंद तीर्थ, जैन संत लोकेश मुनि, सिख संत बाबा भूपेंद्र ङ्क्षसह, चंपत राय, विश्व ङ्क्षहदू परिषद सहित प्रदेशभर से प्रमुख संत भी शामिल होंगे। इनके अलावा दक्षिण भारत के प्रमुख संत रामानुजाचार्य पीठ के रामानंद महाराज नौ दिसंबर को महोत्सव में पहुंचेंगे।