Gita Jayanti Mahotsav 2021: गीता जन्मस्थली कुरुक्षेत्र से श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा से जुड़ेगी, हरिद्वार के लिए ट्रेन से जोडऩे की भी घोषणा

मुख्यमंत्री मनोहर लाल गीता जयंती महोत्सव को लेकर आज कुरुक्षेत्र पहुंचे। महोत्सव का कार्यक्रम पहली बार आयोजन स्थल ब्रह्मसरोवर से लांच किया गया। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने की। 18 दिनों तक चलने वाला ये महोत्सव 2 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलेगा।

Rajesh KumarWed, 01 Dec 2021 03:39 PM (IST)
Gita Jayanti Mahotsav 2021: कुरुक्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल।

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। गीता की जन्म स्थली कुरुक्षेत्र को श्रीकृष्ण भगवान की जन्मस्थली मथुरा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जरूरत के अनुसार ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। इसी तरह कुरुक्षेत्र को हरिद्वार के साथ ट्रेन से जोड़ा जाएगा। इससे पहले गीता जयंती के नाम से एक ट्रेन कुरुक्षेत्र से खजुराहो हर रोज चल रही है। एक दिन छोड़कर बीकानेर एक्सप्रेस हरिद्वार जाती है। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र से इन दोनों स्थलों के लिए नई ट्रेन शुरू होने पर धार्मिक नगरों में आने वाले पर्यटकों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा बुधवार को पवित्र ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2021 (आइजीएम) के विधिवत रूप से शुरू करने के दौरान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है। मारीशस और इंग्लैंड में महोत्सव मनाए गए हैं। 2020 में आस्ट्रेलिया में महोत्सव मनाने की तैयारी थी, लेकिन कोविड-19 के चलते इसे स्थगित करना पड़ा था। अब स्थिति सामान्य होती जा रही है। इस बार कोविड की गाइडलाइन के अनुरूप आयोजन किया जाएगा। यह दो दिसंबर को सरस मेले के साथ शुरू होगा और 19 दिसंबर तक चलेगा। मुख्य आयोजन नौ से 14 दिसंबर को होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने मुख्य आयोजन के शुभारंभ पर नौ या 14 दिसंबर को दीपोत्सव के साथ आनलाइन जुडऩे का भरोसा दिया है।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री सहित 250 संत आएंगे

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय पर्यटन मंत्री कृष्ण रेड्डी और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यक्रम तय हो चुके हैं। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत नौ दिसंबर को महोत्सव के शुभारंभ में शामिल होंगे। इनके अलावा स्वामी रामदेव सहित 250 संत आएंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के लिए एक समिति रजिस्टर्ड कराई जाएगी। इसी समिति पर आयोजन की जिम्मेदारी रहेगी।

गीता के उपदेश का 5158वां वर्ष

गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण भगवान ने कुरुक्षेत्र की धरा पर मोह में फंसे अर्जुन को गीता का संदेश दिया था। गीता के किसी भी शब्द में पक्षपात या भेदभाव नहीं है। यह शारीरिक व मानसिक इम्युनिटी बढ़ाती है। इस साल गीता के उपदेश को 5158 वर्ष पूर्ण हो जाएंगे।

48 कोस में 30 नए तीर्थ जोड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि 48 कोस कुरुक्षेत्र में पांच जिलों के अंतर्गत 134 तीर्थ थे। केडीबी ने इस परिक्रमा में 30 नए तीर्थ तलाश किए हैं। अब इनकी संख्या बढ़कर 164 हो गई है। ब्रह्मसरोवर के अलावा बाकी तीर्थों पर भी इस बार महोत्सव के दौरान स्वदेशी और विदेशी कलाकार आजादी के अमृत महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि ज्योतिसर में 200 करोड़ का कृष्णा पार्क बनाया जा रहा है। इसके अलावा श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप लगाया जा रहा है।

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