कहां से सप्लाई हो रहा कुट्टू का आटा, नहीं पकड़ पा रहे अधिकारी, लिए 18 सैंपल

टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों पर छापेमारी कर आटे के लिए सैंपल।
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 11:39 AM (IST) Author: Anurag Shukla

जेएनएन, करनाल ।  नवरात्र में व्रत रखने वाले लोगों के लिए कुट्टू का आटा बड़ा सहारा होता है तो इन दिनों इस आटे का कारोबार चरम पर पहुंच जाता है लेकिन अनेक लोगों के लिए यही आटा जहर के समान साबित हो रहा है। कुछ कारोबारी लोगों के स्वास्थ्य से खेल रहे हैं और शायद यही कारण है कि जिले में जहां एक छात्रा की मौत हो चुकी है तो वहीं 30 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। इसके बावजूद यह कहां से सप्लाई हो रहा है, अधिकारी आज तक भी पकड़ नहीं सके हैं। लोगों के स्वास्थ्य से लगातार खिलवाड़ के मामले सामने आने के बाद भले ही सीएम फ्लाइंग व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम संयुक्त रुप से छापेमारी के लिए फील्ड में उतरी है, लेकिन इस आटे की आड़ में काला कारोबार करने वाले लोगों की चालाकी भारी पड़ रही है। टीम के पहुंचने से पहले ही आटा गायब कर दिया जाता है।

नाम सुनते ही पहुंचे अधिकारी, आटा मिला नहीं

 टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों पर छापेमारी आटे के सैंपल लिए तो दुकानदार से लेकर आटा खरीदने वाले आम लोगों की जुबां पर शहर के मुख्य कारोबारियों का नाम आया। टीम वहां पहुंची तो आटा गायब मिला। टीम उस समय हैरान रह गई जब कारोबारियों ने दो से तीन साल पहले से ही आटे का कारोबार बंद कर देने के दावे भी कर दिए। ऐसे में अब अधिकारियों के लिए निम्न क्वालिटी के आटे का मुख्य तौर पर कारोबार करने वाले लोगों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। माना जा रहा है कि छापेमारी की भनक टीम के पहुंचने से पहले ही संबंधित कारोबारियों को लग जाती है।

यहां बीमार हो चुके लोग

अभी तक सामने आए मामलों के अनुसार कुट्टू का आटा खाने से नवरात्र के दूसरे दिन ही 30 से अधिक लोग बीमार हो गए थे। इनमें अधिकतर शिव कालोनी, रामनगर, काछवा क्षेत्र के थे और इन्हें इलाज के लिए राजकीय अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। इसके बाद भी दर्जन भर ऐसे ही लोग सामने आ चुके हैं, जिनमें गांव बल्ला के एक ही परिवार के सात लोग शामिल रहे तो एक युवक औंगद गांव का भी बीमार हो चुका है। असंध में 15 वर्षीय छात्रा की मौत हुई और इसके पीछे भी कुट्टू का आटे का सेवन ही कारण माना गया। मामला पुलिस तक भी पहुंचा।

यहां-यहां से लिए जा चुके सैंपल

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ संदीप कादियान के अनुसार अभी तक कुट्टू के आटे के आरकेपुरम, शक्तिपुरम, कुंजपुरा रोड, सेक्टर सात व आठ, सदर बाजार, सर्राफा बाजार, रामनगर, असंध, काछवा सहित अन्य जगह से 18 से अधिक सैंपल लिए जा चुके है, जिनकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है।

बताई गई कई जगह आटा मिला ही नहीं : डा. संदीप

जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. संदीप कादियान का कहना है कि निम्न क्वालिटी के आटे पर रोक के लिए छापेमारी अभी भी जारी है। उन्होंने माना कि ऐसी कई जगहों से उन्हें वापस ही लौटना पड़ा, जिनका प्रमुखता से नाम लिया जाता रहा। यहां आटा मिला ही नहीं। बड़े स्तर पर कारोबारियों की छानबीन की जा रही है। सैंपल रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आटा ही नहीं हर खाद्य पदार्थ को लेकर प्रशानिक तौर पर बेहद गंभीरता बरती जा रही है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.