हरियाणा भाजपा की दिग्गज नेता व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमला वर्मा का निधन, ब्लैक फंगस का चल रहा था इलाज

हरियाणा भाजपा की दिग्गज नेता डॉ. कमला वर्मा का मंगलवार शाम यमुनानगर में निधन हो गया। वे हरियाणा भाजपा की पहली महिला अध्यक्ष थीं। तीन बार कैबिनेट मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुकी थीं। ब्लैक फंगस से पीड़ित थीं।

Umesh KdhyaniTue, 08 Jun 2021 08:49 PM (IST)
डॉ. कमला वर्मा को ब्लैक फंगस बीमारी के चलते 20 मई को स्वजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।

यमुनानगर, जेएनएन। हरियाणा बीजेपी की पहली अध्यक्ष और पूर्व में तीन बार कैबिनेट मंत्री रहीं 92 वर्षीय डॉ. कमला वर्मा का मंगलवार देर शाम निजी अस्पताल में निधन हो गया। डॉ. वर्मा स्वास्थ्य मंत्री भी रहीं थीं। ब्लैक फंगस बीमारी के चलते उनका उपचार चल रहा था। 20 मई को स्वजनों ने उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बीमारी से बचाव के लिए इंजेक्शन न मिलने का भी परिजन आरोप लगा चुके हैं। बाद में इंजेक्शन उपलब्ध करवाए गए, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं आया। उनके निधन पर भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने शोक जताया है।

ये रहीं उपलब्धियां

स्वर्गीय डॉ. कमला वर्मा को उनकी उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा। वर्मा हरियाणा की पहली महिला थी जो आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षक बनी। 27 जून 1975 को उनको सेंट्रल जेल अंबाला में डाला गया। हालांकि इस दौरान वहां महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था भी नहीं थी। कार्यालय का एक कमरा खुलवाकर उसमें बंद कर दिया गया था। डाक्टर. वर्मा आठ जनवरी 1977 तक जेल में रही। गिरफ्तारी के दौरान उनकी उम्र 46 वर्ष थी और 19 माह जेेल में रही। वर्ष-1977, 1987 व 1995 में हुए चुनाव में जीत दर्ज कर कैबिनेट मंत्री बनीं।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी से थीं प्रभावित

स्वर्गीय डॉ. वर्मा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी व लाल कृष्ण अडवाणी के विचारों से काफी प्रभावित थीं। 27 जून को उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी व लाल कृष्ण अडवानी की गिरफ्तारी का समाचार पढ़ा। उसके बाद एमरजेंसी के विरोध में रोष मार्च निकालने की तैयारी कर ही रही थीं। यमुना गली में दौरे पर थीं। तभी एक बुजुर्ग ने उनसे पूछ लिया कि आपको पता भी है कि एमरजेंसी क्या होती है? अपनी सरकार के खिलाफ नहीं बोल सकतीं। यदि आवाज उठाई तो जेल जाना पड़ सकता है। एमरजेंसी के बाद पैदा हुए हालातों को दिमाग में रखकर वह घर आ गईं। जब वह घर लौटीं तो पूरा मकान पुलिस ने घेरा हुआ था। कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात की थी। साथ ही जिले के हालतों के बारे में पूछा था।

यमुनानगर के लिए बड़ी क्षति

डॉ. कमला वर्मा के रिश्तेदार व सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन गिरीश पुरी बताते हैं कि डॉ. कमला वर्मा का निधन जिले के लिए बड़ी क्षति है। जिले के विकास में उनका अहम योगदान रहा है। डा. वर्मा न केवल कुशल राजनीतिज्ञ थी बल्कि समाजसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती थी।

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