मानसून में पानीपत के इन 17 गांवों में रहता बाढ़ का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

मानसून में हर बार पानीपत के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है। पानीपत करीब 17 गावों में बाढ़ की वजह से बीमारियों का भी खतरा रहता है। ऐसे में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। सीएचसी-पीएचसी में दवा स्टाक पर्याप्त रहेंगी।

Anurag ShuklaWed, 16 Jun 2021 08:04 AM (IST)
पानीपत के 17 गांव में बाढ़ का खतरा रहता है।

पानीपत, जेएनएन। मानसून सिर पर है। तीन दिन पहले हुई बरसात को भी मानसून से जोड़कर देखा गया था। रोजाना आंधी भी चल रही है। जिला के 17 गावों में बाढ़ का खतरा रहता है। कृषि भूमि जलमग्न हो जाती है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।

सीएचसी बापौली, पीएचसी ऊझा, पट्टी कल्याणा में दवा का स्टाक किया जा रहा है। सीनियर मेडिकल ऑफिसर डा. कर्मवीर चोपड़ा ने बताया कि हरियाणा सहित हिमाचल-उत्तराखंड में मूसलधार बरसात के दौरान हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा जाता है। इससे बाढ़ की स्थिति बन जाती है। विगत वर्षों में बाढ़ की चपेट में आने वाले गांवों को चिह्नित किया गया है। बाढ़ग्रस्त गांवों का पानी और खानपान दूषित हो जाता है। उल्टी-दस्त, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, त्वचा और नेत्र संबंधी रोग पनपने लगते हैं। ड्रिंकवैल टेबलेट पानी को शुद्ध करने का काम करती है। टेबलेट गांवों में बांटी जाएंगी।

उल्टी-दस्त के दौरान मरीज सेवन कर सकें, ओआरएस व ग्लूकोज पैकेट का वितरण होगा। सीएचसी-पीएचसी में इनका स्टाक किया गया है। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में हालात पर नजर रखेंगे, ताकि कोई दिक्कत न आए।

यह दी जा रही है सलाह

डा. चोपड़ा के मुताबिक सीएचसी-पीएचसी में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों-तीमारदारों को पानी उबालने के बाद ठंडा कर पीने, मच्छरदानी लगाकर सोने, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है। बीमारियों से बचने के लिए ताजा सब्जी-फलों का सेवन करें।

इन गांवों में आती रही है बाढ़

राणा माजरा, गढ़ी बेसिक, जलालपुर, नवादा आर, तमशाबाद, सनौली, रिशपुर, नन्हेड़ा, अधमी, मिर्जापुर, गोयला कलां, गोयला खुर्द, हथवाला, बिलासपुर, राकसेड़ा, काकरौली।

गर्भवती व कमजोर बच्चों की ट्रैकिंग

गर्भवती व कमजोर बच्चों की ट्रैकिंग भी की जाती है। एएनएम, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी सेविकाओं की ड्यूटी लगी है। गर्भवती का नाम-पता, मोबाइल नंबर लिया जायेगा, ताकि बरसात के मौसम में भी उन्हें सुरक्षित प्रसव हेतू अस्पताल पहुंचाया जा सके।

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