रोजगार और राष्ट्रवाद के नाम हुआ मतदान

जागरण संवाददाता, पानीपत : लोकतंत्र के महापर्व विधानसभा चुनाव में पार्टीबाजी और जातिवाद की राजनीति पिछड़ गई। मतदान के लिए युवाओं से बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिला, बल्कि उनका नजरिया बदला नजर आया। युवाओं ने पारदर्शिता के साथ रोजगार मिलने की आस से लेकर राष्ट्रवाद के नाम पर अपना मतदान किया। अधेड़ और बुजुर्ग विकास और समानता के नाम पर भी वोट करने निकले। हमने इसराना विधानसभा के दर्जन भर गांव में पोलिग बूथों पर जाकर लोगों से मतदान करने के बाद राय जानी तो तब ये तस्वीर निकलकर सामने आई। 1- फोटो संख्या -41

मैंने विकास और राष्ट्रवाद के नाम पर मतदान किया है। इसको लेकर सप्ताह भर पहले ही पूरी तरह से मन बना लिया था। विकास की जरूरत के साथ हमारे अंदर राष्ट्रवाद का होना भी जरूरी है। दोनों से ही देश को मजबूती मिलती है। देश हित में जो काम हुए है, उससे हर युवा के मन के अंदर एक आस जगी हुई है।

मनीषा, गांव इसराना। (एमए) 2-फोटो संख्या -42

प्रदेश में सबसे ज्यादा लोग खेती पर ही निर्भर है। किसान दिन रात मेहनत कर हर किसी का पेट भरने का काम करता है। उसकी आमदनी में दोगुना बढ़ोतरी हो। बनने वाली सरकार उसके हित में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करे, इसी मकसद के साथ मैंने अपना मतदान किया है। बनने वाली सरकार से उन्हें काफी आशा है।

राजू डिडवाड़ी, किसान। 3-फोटो संख्या -43

जातिवाद अब पुरानी बात हो चुकी है। आज हर किसी का नजरिया बदल चुका है। खासकर पढ़े लिखे युवा इस सबसे दूर है। मैने राष्ट्रवाद के नाम पर वोट किया है। आज मेरे देश के प्रति पूरे विश्व में अलग ही सोच है। जो हमारे लिए फर्क की बात है। राष्ट्र को मजबूती देने के लिए हमारा योगदान भी जरूरी है।

विजेता, कारद। (बीएससी) 4-फोटो संख्या -44

मैने दूसरी बार मतदान किया है। इस बार भी मेरा वोट विकास, रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों के नाम रहा। तीनों क्षेत्र में पारदर्शिता के साथ काम होने से युवाओं के लिए आगे बढ़ने के बेहतर अवसर खुले है। युवा देश की नींव है। उनका मजबूत होना जरूरी है।

अनिकेत, डुमियाना। (बीए) 5-फोटो संख्या-45

मैने समानता के लिए वोट दिया है। सरकार अच्छी नीतियां लेकर आई और हर वर्ग का समानता के साथ समान विकास हुआ है। इससे समाज में भाईचारे को मजबूती भी मिली है। आगे भी इसी समानत के साथ सरकार काम करेगी, हमें पूरी उम्मीद है।

बलवान शर्मा, अहर 6-फोटो संख्या -46

सरकार ने नौकरियों में जो पारदर्शिता बरती है। उससे युवाओं के अंदर एक अलग ही जोश है। पारदर्शिता की ये परंपरा बनी रहे, इसी मकसद के साथ मतदान किया है। क्योंकि पहले पढ़ाई की बजाय परिवारवाद और पर्ची के आधार पर नौकरी मिलती थी। जो खत्म होकर युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा हुए है।

प्रियंका, अहर (एमएससी पास)

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