गुरु पूर्णिमा और व्यास पूजा का पर्व 23 को, त्रिमुहूर्त व्यापनी पूर्णिमा होगी, जानिए महत्‍व

गुरु पूर्णिमा और व्यास पूजा 23 जुलाई को है। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डा. रामराज कौशिक ने बताया कि इन बार गुरुपूर्णिमा को लेकर भी समंजस की स्थिति है। यह तिथियों की घटत बढ़त के चलते हो रहा है।

Anurag ShuklaWed, 21 Jul 2021 05:05 PM (IST)
गुरु पर्व यानी गुरु पूर्णिमा 23 जुलाई।

कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता। आषाढ़ मास की शुक्ल पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा और व्यास पूजा के पर्व रूप में जानी जाती है। सामान्यतः इसमें सूर्योदयकालिक पूर्णिमा ग्रहण कही जाती है, परंतु यह पूर्णिमा छह घटी पर्यन्त रहनी आवश्यक है। यदि यह छह घटी से न्यून है तो पहले दिन अर्थात चतुर्दशी विद्धा पूर्णिमा को गुरुपूर्णिमा एवं व्यास पूजा का पर्व मनाया जाता है।

गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डा. रामराज कौशिक ने बताया कि इन बार गुरुपूर्णिमा को लेकर भी काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह सब तिथियों की घटत बढ़त के चलते हो रहा है। पूर्णिमा तिथि का शास्त्र समत त्रिमुहूर्त यानीत छह घटी का होना जरूरी होता है।

इस तरह से समझें

इस माह आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा उदयव्यापिनी 24 जुलाई को है, परंतु वह केवल 08:07 तक है। इस प्रकार 05:43 के पश्चात सूर्योदय वाले क्षेत्रों में यह त्रिमुहूर्त (छह घटी) व्यापिनी नहीं रहेगी। ऐसी स्थिति में उन प्रदेशों में गुरुपूर्णिमा एवं व्यास पूजा का पर्व एक दिन पूर्व 23 जुलाई को पश्चात मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा। वहीं जिन प्रदेशों में सूर्योदय 24 जुलाई को 05:43 से पूर्व है, उनमें 24 जुलाई को ही गुरुपूर्णिमा एवं व्यास पर्व मनाना उचित रहेगा। ऐसे में जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, केरल , तमिलनाडु, पश्चिमी उत्तरप्रदेश, अधिकांश छत्तीसगढ़ और पश्चिमी ओडिशा में 23 जुलाई को गुरुपूर्णिमा का पर्व रहेगा। वहीं पूर्वी उत्तरप्रदेश, उत्तर-पूर्वी छत्तीसगढ़, बिहार , पूर्वी ओडिशा, पश्चिम बंगाल व पूर्वोत्तर के राज्यों में गुरुपूर्णिमा का पर्व 24 जुलाई को मनाया जाएगा।

गुरुओं की पूजा को लेकर कई बड़े कार्यक्रम

गुरु पूर्णिमा पर शहर में कई जगह बड़े स्तर पर कार्यक्रम किए जाएंगे। गीता ज्ञान संस्थानम् में 22 जुलाई को कार्यक्रम किया जाएगा। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज प्रवचन देंगे। इसके अलावा जयराम आश्रम का कार्यक्रम आनलाइन किया जाएगा। जयराम आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी ब्रह्म स्वरूप महाराज आनलाइन संदेश देंगे।

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