कुछ घंटे में ऑक्‍सीजन के लिए डेढ़ करोड़ देने वाले निर्यातक, पढि़ए इस सप्‍ताह का विशेष स्‍ट्रेट ड्राइव

ऑक्‍सीजन कंस्‍ट्रेटर पर पानीपत में प्रशासन के साथ हुई बैठक।

पानीपत के निर्यातकों ने कुछ घंटों में डेढ़ करोड़ रुपये जमा कर लिए। इनसे ऑस्‍ट्रेलिया और अमेरिका से ऑक्‍सीजन कन्‍संट्रेटर मंगा रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा ने हेल्‍प डेस्‍क बना दिए हैं। कांग्रेस के नेता अभी वेबिनार वेबिनार खेल रहे हैं।

Ravi DhawanMon, 03 May 2021 12:50 PM (IST)

स्ट्रेट ड्राइव कालम : रवि धवन

इस समय जिंदगी का मैच दांव पर है। सांसद-विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और व्यापारियों के प्रतिनिधियों की टीम कोरोना से मुकाबले में शिद्दत से जिद्दोजहद कर रही है। फ्रंटलाइन वर्कर बैटिंग क्रीज पर हैं तो दूसरी तरफ उद्यमी हैं जो उनके साथ में भागदौड़ कर रहे हैं। टेक्सटाइल निर्यातकों ने चंद घंटों में ही वाट्सएप ग्रुप के जरिये डेढ़ करोड़ की राशि एकत्र कर दी। कुछ ही मिनटों में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का आर्डर दे दिया। एक हजार ऑक्सीमीटर भी मंगा लिए। मदद की क्रीज पर सबसे आगे खड़े दिखे सुरेंद्र मित्तल, जिन्होंने सबसे पहले 21 लाख देकर इस विचार को आगे बढ़ाया। वैसे पानीपत के उद्यमी आपदा के समय सबसे आगे खड़े रहते हैं। दर्शक दीर्घा में नहीं बैठते। मैदान में उतरते हैं, जोरदार प्रदर्शन करते हैं। इस समय भी वे टीम स्प्रिट से भरपूर हैं। ऐसी ही टीम स्प्रिट रही तो कोरोना को रोना आएगा ही।

कहीं दीप जले, कहीं दिल 

बंगाल में कमल उतना तो नहीं खिला, जितनी अपेक्षा थी, लेकिन भविष्य की बड़ी इमारत की नींव रख दी है। असम तो खैर फिर से जीत लिया। भाजपा की ओर से पानीपत से भी फील्डिंग सजाने के लिए कई नेता पहुंचे थे। सांसद संजय भाटिया ने असम की कमान संभाली तो प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ के शिष्य महिपाल ढांडा बंगाल पहुंचे। विनम्रता की मूर्ति गजेंद्र सलूजा ने भी बंगाल में कमल का फूल खिलाने के प्रयास किए। परिणाम के बाद नेता उस सीटों पर आंकलन करने बैठे हैं, जहां-जहां प्रचार किया था। जम्मू-कश्मीर में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा। वहां संजय ने गांव-गांव में प्रचार की कमान संभाली। अब असम में जीत के बाद संजय समर्थक वाहवाही बटोर रहे हैं। जो जीत न सके, उनके समर्थकों के दिल जले हैं। वैसे, कांग्रेस से धर्मपाल गुप्ता भी असम के तिनसुखिया में गए थे। बरौदा वाले जीत के हाथ नहीं दिखा सके।

कांग्रेस की मैडम सक्रिय, नेता मैदान से भाग रहे

कोरोना संक्रमण के केस बढ़ते ही भाजपा ने अपनी टीमों को सक्रिय कर दिया। ऑक्सीजन कहां मिलेगी, रेमडेसिविल इंजेक्शन कौन दिलाएगा, प्लाज्मा कैसे मिलेगा, सैंपल कहां दिए जाएंगे, इस काम के लिए नेताओं का जिम्मा लगा दिया। युवा मोर्चा ने सिविल अस्पताल में हेल्प डेस्क लगा दी है। मरीजों की संख्या बढ़ने से भले ही उतनी मदद नहीं कर पा रहे, जितनी उम्मीद थी, लेकिन कम से कम फील्ड में दिखाई तो दिए। दूसरी तरफ, सरकार बनाने की आस में बैठे कांग्रेस नेता घर से बाहर निकलने को ही तैयार नहीं हैं। हरियाणा की अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने टीमें तो बना दी हैं पर जिलों में नेता क्रीज पर ही नहीं उतर रहे। हाथ आगे ही नहीं बढ़ा रहे। वेबिनार-वेबिनार खेलकर ही इतिश्री कर रहे हैं। दरअसल, कुछ जिलों में तो नेताओं को अपने कप्तान हुड्डा का इंतजार है। पर वो अभी खुद कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए थे।

सिंह का अपूर्व अनुभव

अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं अपूर्व कुमार सिंह। पानीपत में चिकित्सा सुविधाओं में कैसे स्कोर किया जाए, इसका जिम्मा सौंपा गया है। स्व.भजनलाल के शासन काल में अपूर्व सिंह पानीपत के एडीसी रहे हैं। यहां की गलियों, मुहल्लों को अच्छे से समझते हैं। माडल टाउन में कोरोना संक्रमित अधिक निकले तो कंटेनमेंट जोन बनाने में देर नहीं की। अब पांच सौ बेड का अस्थायी कोविड अस्पताल बनवा रहे हैं। डीसी धर्मेंद्र सिंह को पानीपत की इतनी जानकारी नहीं होती, जितनी अपूर्व सिंह को होती है। कहा तो ये भी जा रहा है कि भजनलाल की संगत और मनोहर की सक्रियता का असर है कि अपूर्व के माध्यम से चिकित्सा सुविधाओं का स्कोर तेजी से बढ़ रहा है। हर बात को डायरी में नोट करने वाले अपूर्व फालोअप जरूर करते हैं। किस अफसर को कब पैड पहनाने हैं, कब वापस बुलाना है...कहां पर सबसे पहले काम करना है, वही तय करते हैं।

 

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