आपके काम की खबर, यमुनानगर की लैब से पता चलेगी पानी की क्वालिटी, देश भर से यहां पहुंचेंगे सैंपल

मान्यता के लिए लैब में चंडीगढ़ से पानी के सैंपल भेजे गए थे। जांच में लैब मानकों पर खरीत उतरी।

यमुनानगर की डिस्ट्रिक्ट वाटर लैब काे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल गई है। जगाधरी से यमुनानगर में गाबा अस्पताल के सामने नए भवन में शिफ्ट की गई है। अब यहां देश भर से पानी के सैंपल चेक होने के लिए आया करेंगे।

Umesh KdhyaniFri, 23 Apr 2021 04:15 PM (IST)

यमुनानगर, जेएनएन। डिस्ट्रिक्ट वाटर टेस्टिंग लैब अब जिलास्तर पर सीमित नहीं रहेगी। लैब में अब देश के किसी भी हिस्से से आए पानी की जांच लैब में हो सकेगी। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट वाटर टेस्टिंग लैब का एनएबीएल (भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय परीक्षण और शोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड) से रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जो औपचारिकता लंबित थी वह भी पूरी कर ली गई है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने के बाद कोई भी लैब में टेस्ट हुए पानी की गुणवत्ता को चैलेंज नहीं कर पाएगा।

ट्रायल में उम्मीदों पर खरी उतर चुकी है लैब

एनएबीएल की चंडीगढ़ स्थित ब्रांच से ट्रायल के तौर पर पिछले दिनों पानी का सैंपल डिस्ट्रिक वाटर टेस्टिंग लैब में जांच के लिए भेजा गया था। ताकि इससे पता लगाया जा सके कि लैब राष्ट्रीय स्तर की मान्यता के लिए मानकों पर खरी उतरती भी है या नहीं। सैंपल की जांच कर जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने रिपोर्ट भेज दी है। क्योंकि इसमें अब बड़े स्तर पर काम होगा तो सात लाख रुपये से अधिक कीमत के नए उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं। इनमें यूवी स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, डिजिटल पीएच, टीडीएस मीटर, यूवी लेमिनर एअरफ्लो चैंबर, डबल डेस्टिनेशन, स्पेसिफिक इओन मीटर समेत सैकड़ों तरह के छोटे-बड़े उपकरण शामिल हैं।

केंद्र से फंड मिलने की संभावना बढ़ी

एनएबीएल से मान्यता मिलने के बाद डिस्ट्रिक्ट वाटर टेस्टिंग लैब को केंद्र सरकार से भी फंड मिलने की संभावना बढ़ गई है। कोई भी सरकारी विभाग या प्राइवेट व्यक्ति लैब में पानी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की जांच करवा सकेगा। पहले यह लैब जगाधरी में विभाग के एसडीओ कार्यालय के साथ एक छोटे से कमरे में चल रही थी। वहां से लैब को गाबा अस्पताल के सामने लाखों रुपये से बनाए नए भवन में शिफ्ट किया गया है।

लैब में किए जा रहे 13 प्रकार के टेस्ट

लैब के सहायक केमिस्ट सुखविंद्र सिंह ने बताया कि लैब में पानी के टेस्ट से लेकर टीडीएस, बैक्टीरिया, मेगनीशियम, लोहतत्व, पीएच समेत 13 प्रकार के टेस्ट किए जा रहे हैं। लैब में हर साल 3000 सैंपल की जांच करने का टारगेट दिया जाता है। फिलहाल हर माह 300 से 400 सैंपल की जांच की जा रही है।

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