पानीपत में अफसर हैं कि अपने बड़े अफसरों की सुनते ही नहीं, मामला शिक्षकों से जुड़ा है

महानिदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा, पंचकूला निदेशालय के पत्रों का असर नहीं।

अधिकारियों पर निदेशालय के पत्रों का असर नहीं है। बार बार लिखने पर नहीं भेज रहे सूचना। सूचना को लेकर छह बार निदेशालय से लिखा जा चुका है पत्र सातवीं बार में चेताया। पानीपत में अफसर हैं कि अपने बड़े अफसरां की नहीं सुन रहे।

Anurag ShuklaTue, 11 May 2021 01:23 PM (IST)

पानीपत, जेएनएन। शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर महानिदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा, पंचकूला निदेशालय के पत्रों का असर नहीं। बार बार, यानि छह बार पत्र लिखने पर भी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यभार मुक्त किए गए 1983 पीटीआइ को एलटीसी, एसीपी, मेडिकल बिल, एरियर व अन्य लाभ देने बारे सूचना उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। अब निदेशालय ने एक बार फिर अधिकारियों को पत्र लिख सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सूचना उपलब्ध न कराने पर  कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। पत्र पर अति आवश्यक, तिथि बध से लेकर अंतिम अवसर जैसे शब्द लिखे गए हैं।

निदेशालय के पत्र के मुताबिक वर्ष 2010 में विज्ञापित संख्या 6-2006 कैटेगरी संख्या 23 के तहत नियुक्त 1983 पीटीआइ की सेवाएं सर्वोच्च न्यायालय के आदेश 8 अप्रैल 2020 की अनुपालना में सेवाएं समाप्त कर दी गई थी। उसके बाद  उक्त हटाए गए पीटीआइ को एलटीसी, एसीपी, मेडिकल बिल, एरियर, एनपीएस, एमएफए, चिल्ड्रन एजुकेशन एलाउंस, जीआइएस प्रदान किए गए।  जिनकी रिपोर्ट निदेशालय ने छह मई सुबह 11 बजे तक भेजने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन वांछित सूचना प्राप्त नहीं हुई।

परिणाम के लिए खुद होंगे जिम्मेदार

मामले में कार्यभार मुक्त किए गए पीटीआइ से संबंधित उक्त जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर शिक्षा निदेशालय की तरफ से 20, 23, 26, 27, 28 व 30 अप्रैल को सभी डीईईओ को पत्र लिखा गया। परंतु निदेशालय को सूचना नहीं मिल पाई। अब निदेशालय ने सातवीं बार पत्र लिख सूचना मांगी है। साथ ही चेताया है कि यदि उक्त सूचना निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं तो पूर्ण मामला उच्च अधिकारीगण के संज्ञान में लाया जाएगा। जिसके परिणाम के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।

ये भी करना होगा अंकित

निदेशालय ने कार्यभार मुक्त किए गए पीटीआइ को दिए एलटीसी, एसीपी, मेडिकल बिल, एरियर व अन्य लाभ देने बारे सूचना के साथ संबंधित जिले में कितने पीटीआइ कार्यरत थे। कितनों को कार्यभार मुक्त किया गया। कितनों को उक्त अंकित लाभ प्रदान किए जा चुके हैं। ये भी नाम, आइडी नंबर, स्कूल नाम व स्कूल कोड सहित मांगी गई हैं।

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