साइबर ठगों ने मंदिर के पुजारी, युवती और कामगार से 81500 रुपये ठगे

जागरण संवाददाता पानीपत जिले में साइबर ठग लोगों के साथ सिलसिलेवार ठगी कर रहे हैं।

JagranThu, 23 Sep 2021 08:30 PM (IST)
साइबर ठगों ने मंदिर के पुजारी, युवती और कामगार से 81500 रुपये ठगे

जागरण संवाददाता, पानीपत : जिले में साइबर ठग लोगों के साथ सिलसिलेवार ठगी कर रहे हैं। ठगों पर शिकंजा कसने के लिए साइबर सेल बना रखी है। लेकिन अभी तक सेल उम्मीद के मुताबिक खरी नहीं उतरी है। ठगों ने मंदिर के पुजारी, युवती और कामगार के साथ 81500 रुपये की आनलाइन ठगी कर ली। किला, सेक्टर-29 और थाना चांदनी बाग पुलिस ने मामला दर्ज करके ठगों की तलाश शुरू कर दी है। दान देने के बहाने मंदिर के पुजारी को ठगा

राजाखेड़ी गांव के शिव मंदिर के पुजारी बाबा छोटेदास ने किला थाना पुलिस को शिकायत दी कि उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से व्यक्ति ने काल कर कहा कि वह मंदिर में दान करना चाहता है। बाबा ने कहा कि उनके पास कोई बैंक खाता नहीं है। बाबा ने सरपंच जोगेंद्र सिंह का नंबर दे दिया। सरपंच ने अपनी बेटी के गूगल-पे पर रकम ट्रांसफर करने की बात कही। ठग ने बेटी को बातों में उलझाकर 10 हजार रुपये डालने के बजाय उसके खाते से ही 14 हजार अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। यह खाता किसी पूजा नामक महिला का है। सरपंच ने बताया कि ठग वाट्सएप काल करता है। पुलिस जांच में जुटी है। 4999 रुपये के कैश बैक का झांसा देकर 37500 रुपये ठगे

नांगल खेड़ी विकास नगर के जगराम गुप्ता ने सेक्टर-29 थाना पुलिस को शिकायत दी कि वह एक कंपनी में सिलाई का काम करते हैं। एक व्यक्ति ने काल कहा कि वह फोन-पे कंपनी का कर्मचारी बताया और उनके फोन-पे पर 4999 रुपये का कैश बैक आने की बात कही। इसे अपने खाते में ट्रांसफर कर लो। पीड़ित ने यह प्रोसेस न आने की बात कही तो ठग ने पीड़ित के मोबाइल में एनीडेस्क एप डाउनलोड कराकर मोबाइल पर आया ओटीपी पूछ लिया। इसके तुरंत बाद पीड़ित के खाते से दो बार में 37500 रुपये कट गए। इसके बाद से ठग ने काल रिसीव नहीं की। डेबिट कार्ड का क्लोन बनाकर निकाले 30 हजार

सेक्टर-24 निवासी पूजा पांडेय ने थाना चांदनी बाग पुलिस को शिकायत दी कि उनके मोबाइल पर अकाउंट से तीन बार में 10-10 हजार रुपये कटने का मैसेज आया जबकि डेबिट कार्ड उनके पास था। उनके पास किसी का न तो काल आया और न ही मैसेज आया। इसके बावजूद खाते से 30 हजार रुपये कट गए। बैंक में पता किया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उसे शक है कि डेबिट कार्ड का क्लोन बनाकर ठगी की गई है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.