Sawan Somwar 2021: सावन माह का पहला सोमवार, छोटी काशी से लेकर कुरुक्षेत्र तक शिवालयों में भक्‍तों की भीड़, देखें तस्‍वीरें

आज सावन का पहला सोमवार है। मंदिरों में शिव का जलाभिषेक करने के लिए सुबह से ही मंदिरों में कतार लग गई। महादेव के जयकारों से शिवालय गूंज रहे थे। पानीपत से लेकर कुरुक्षेत्र कैथल के मंदिरों में भक्‍तों की भीड़ रही।

Anurag ShuklaMon, 26 Jul 2021 11:04 AM (IST)
स्थानश्वीर महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर शिवलिंग का अभिषेक करते श्रद्धालु।

पानीपत, जागरण संवाददाता। पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार पर पूजा अर्चना के लिए शिवालयों में सुबह से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। बूंदाबांदी के बीच मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था भाव के साभ भगवान आशुतोष की आराधना की।

सावन माह के पहले सोमवार को सुबह के समय मंदिरों में स्थित शिवालयों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शहर के सभी शिव मंदिरों में स्थापित शिवालयों को भव्य ढंग से सजाया गया है। सुबह के समय मंदिरों में पूजा करने के लिए श्रद्धालु की भीड़ उमड़ी। मंदिर में दो गज की दूरी और मास्क के नियम को लेकर व्यवस्था बनाने के लिए जिला प्रशासन ने उचित प्रबंध किए हैं।

छोटी काशी में श्री ग्यारह रुद्री प्राचीन शिव मंदिर का विशेष महत्‍व

श्री ग्यारह रुद्री प्राचीन शिव मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। यहां पर शिवभक्तों ने सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे। इस मंदिर की काफी मान्यता है, जिस कारण यहां पर सावन माह में हर सोमवार को भीड़ उमड़ती है। हुडा सेक्टर 19 में स्थित भगवान शिव के मंदिर में भी लोग पूजा अर्चना करने पहुंचे। इसी प्रकार से हनुमान वाटिका, श्री अंबकेश्वर मंदिर और सूर्यकुंड मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

इन विधियों से करें जलाभिषेक

हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि सावन के महीने में भगवान शंकर की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दौरान पूजन की शुरुआत महादेव के अभिषेक के साथ की जाती है। अभिषेक में महादेव को जल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, गंगाजल, गन्ना रस आदि से स्नान कराया जाता है। अभिषेक के बाद बेलपत्र, समीपत्र, दूब, कुशा, कमल, नीलकमल, ऑक मदार, जंवाफूल कनेर, राई फूल से शिवजी को प्रसन्न किया जाता है। इसके साथ की भोग के रूप में धतूरा, भांग और श्रीफल महादेव को चढ़ाया जाता है।

कुरुक्षेत्र के महादेव मंदिर में शिवलिंग का अभिषेक करते श्रद्धालु।

शिवालयों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

कुरुक्षेत्र: सावन के पहले सोमवार को श्रीदुखभंजन महादेव मंदिर, प्राचीन स्थाण्वीश्वर महादेव, सर्वेश्वर महादेव, कालेश्वर महादेव, अरुणाय स्थित मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह ही शिवालयों में उमड़ने लगी। शिवभक्तों के जयकारे से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। बम-बम भोले और हर-हर महादेव शंभु के नारे बार-बार श्रद्धालुओं में जोश भरते रहे। तेज बारिश होने के बाद भी लोग भीगते हुए मंदिरों तक पहुंचे और भगवान शिव का अभिषेक किया। कोरोना संक्रमण के चलते शिवभक्तों को मास्क लगाने के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। वहीं मंदिर परिसर को बार-बार सैनिटाइज किया जाता रहा। स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर में विशेष रूप से हर रोज रुद्राभिषेक करने की व्यवस्था की गई है। वहीं हर साल की तरह सोमवार सायं को भगवान शिव पालकी में सवार होकर नगर की परिक्रमा के लिए ले जाएंगे।

तेज बारिश और जलभराव भी नहीं बन पाया श्रद्धालुओं के लिए बाधा

तेज बारिश और जलभराव होने के बावजूद श्रद्धालु मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए पहुंचे। एक तरफ तेज बारिश हो रही थी दूसरी तरफ श्रद्धालु भीगते हुए मंदिरों में पहुंचे। वहीं जलभराव का संकट भी श्रद्धालुओं के मार्ग में बाधा नहीं बन पाया। दुखभंजन महादेव मंदिर के बाहर जलभराव होने से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश करने में काफी मुश्किलें हुई। मगर श्रद्धालु हाथों में फूल, दूध और फल लेकर भीतर प्रवेश करते हुए दिखाई दिए।

कर्णनगरी में जुटे श्रद्धालु

सोमवार को नगर के सभी शिव मंदिरों में सुबह से ही भीड़ नजर आई। कई जगह शिवभक्तों ने कतारों में लगकर भोलेनाथ के दर्शन किए। इस दौरान जयकारों का स्वर गुंजायमान रहा। शहर में कुंजपुरा रोड स्थित श्री सनातन धर्म सभा मंदिर, पुराना सराफा बाजार स्थित शिव मंदिर, सेक्टर सात स्थित कर्णेश्वर मंदिर, महाबीर दल मंदिर, सेक्टर आठ स्थित राम मंदिर, सेक्टर 13 स्थित शिव मंदिर, सेक्टर 14 स्थित श्रीकृष्णा मंदिर और नरसी विलेज स्थित शनि धाम सहित अन्य सभी प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में विशेष पूजा अर्चना की।

इस दौरान कई जगह भंडारे भी आयोजित हुए। श्री सनातन धर्म सभा मंदिर के पुजारी पंडित राजेंद्र मिश्रा ने बताया कि श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। भक्तों को पूरी आस्था व श्रद्धा भाव के साथ शिवजी का जलाभिषेक करना चाहिए। इससे विशिष्ट पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वहीं, कोरोना संक्रमण को लेकर कायम संवेदनशील स्थिति के चलते कई मंदिरों में भक्तों को मास्क लगाने के साथ उचित शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने की हिदायत भी दी गई। कुछ मंदिरों में सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई।

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