कोरोना का खतरा बरकरार: करनाल में 625 मरीज स्वस्थ, रिकवरी दर में इजाफा, 12 की मौत

कोरोना की दहशत के बीच ब्लैक फंगल के दो आशंकित मामले करनाल में आए। वहीं वेंटीलेटर की उपलब्धता और दवा की कालाबाजारी रोकने के लिए उठाने होंगे अहम कदम। देहात में संक्रमण रोकथाम के लिए कोविड केयर सेंटर आरंभ डीसी ने सुविधाओं को जांचा।

Anurag ShuklaSat, 15 May 2021 05:51 PM (IST)
करनाल में कोरोना संक्रमण से 12 की मौत।

करनाल, जेएनएन। कोरोना की दहशत के बीच जिले में ब्लैक फंगस के दो आशंकित मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चिंता में हैं। एक तरफ बढते संक्रमण की दहशत और ब्लैक फंगस की चिंता के बीच राहत की खबर है। चिकित्सकों के प्रयास से संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों के आंकड़ों में इजाफा हुआ है।

शु्क्रवार को 625 मरीज ठीक होकर घर गए जबकि 483 लोग संक्रमित हुए। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के प्रयास से रिकवरी दर 84.62 फीसद तक पहुंच गई है। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों को वेंटीलेटर सुविधा बढ़ाने और दवाओं की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए अहम योजना बनाने की जरूरत है। बढ़ते संक्रमण के साथ प्रशासन स्तर पर मरीजों की सुविधाओं के लिए असंध, निसिंग, तरावड़ी, नीलोखेड़ी, इंद्री, घरौंडा में कोविड केयर सेंटर खोले जा रहे हैं। गांवों में सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।

ब्लैक फंगस के दो आशंकितों की आज आएगी रिपोर्ट

संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस की शिकायत मिलने से अधिकारी चिंता में हैं। वीरवार को दो आशंकित मिले थे, जिनके सैंपल भेजे गए हैं। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के आइसीयू में दाखिल दोनों मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट शनिवार को आने की उम्मीद है। दोनों मरीज विशेष निगरानी में हैं लेकिन विभागीय अधिकारी इस पर गंभीर हैं। कालेज में 90 आइसीयू बेड पर कोरोना रोगी दाखिल हैं और रिपोर्ट में फंगस की पुष्टि होती है तो चिंता बढ़ जाएगी।

संक्रमित 625 मरीज ठीक होकर घर लौटे

कोरोना पीडि़त 625 मरीज शुक्रवार को ठीक होकर घर गए हैं जबकि 483 लोग संक्रमित हुए। उपायुक्त निशांत यादव ने सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार बताया कि संक्रमित 12 लोगों की मौत के साथ आंकड़ा 393 तक पहुंच गया है। जिले में कोरोना वायरस के 5062 एक्टिव केस हैं। पॉजिटिविटी रेट 8.36 फीसद, रिकवरी रेट 84.62 फीसद और मृत्यु दर 1.11 फीसद है। 339025 में से 302867 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। जिले में 35465 पॉजिटिव केस सामने आए थे। 30010 मरीज ठीक हो चुके हैं।

जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन, पेनिक होने की जरूरत नहीं

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिले में 457 ऑक्सीजन सहित नॉन एसी बेड और 395 भरे हैं तथा 43 बेड खाली हैं जबकि ऑक्सीजन सहित आईसीयू बेड 252 हैं, जिनमें 244 भरे हुए हैं तथा 8 खाली है। शुक्रवार तक जिले के केसीजीएमसी ऑक्सीजन के साथ नॉन आईसीयू 190 बेड हैं, जिसमें 179 भरे हुए हैं। इसी प्रकार केसीजीएमसी में ही ऑक्सीजन के साथ आईसीयू के 110 बेड हैं, जिनमें 107 भरे हुए हैं। अमृतधारा अस्पताल चौड़ा बाजार में एक बेड, अर्पणा अस्पताल मधुबन में ऑक्सीजन सहित नॉन आईसीयू चार बेड, डा. ज्ञान भूषण नर्सिंग होम करनाल में एक बेड, ईश्वर कृपा अस्पताल में दो बेड, करनाल नर्सिंग होम में ऑक्सीजन सहित नॉन आईसीयू पांच बेड, रामा सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में तीन बेड खाली हैं। सर्वोदय अस्पताल में तीन बेड, श्रीराम चंद्र मेमोरियल अस्पताल में दो बेड, श्री सनातन धर्म मंदिर महाबीर दल करनाल में दो बेड, अमर अस्पताल असंध में 11 बेड, सीएचसी असंध में चार बेड,सीएचसी इंद्री में 10 बेड, सीएचसी निसिंग में पांच बेड खाली हैं। वहीं, स्वास्तिक अस्पताल, पार्क अस्पताल, विर्क अस्पताल, एसएस अस्पताल, उजाला सिग्रस अस्पताल, आरपी वेल्टर अस्पताल बसताड़ा में सभी बेड पर मरीज हैं।

आक्सीजन सिलेंडर के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन, होम डिलीवरी

ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जारी है। जिले में 291 लोगों ने ऑक्सीजन के लिए आवेदन किया था और इनमें 186 लोगों को ऑक्सीजन दी गई। रेडक्रॉस सचिव कुलबीर मलिक ने बताया कि गंभीर बीमारी और कोरोना पॉजिटीव मरीजों के घर ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन ने सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 300 रुपये प्रति सिलेंडर की दर तय की है। ओएक्सवाईजीईएनएचआरवाईडॉटआइएन पोर्टल पर आवेदन के एक घंटे बाद ऑक्सीजन की डिलीवरी घर पर हो जाएगी।

खेड़ी मानसिंह व गढ़ी गुजरान में आइसोलेशन सेंटर का निरीक्षण

इंद्री खंड के गांव खेड़ी मानसिंह, गढ़ी गुजरान में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे करनाल रेंज के आयुक्त संजीव वर्मा ने कहा कि ऑक्सीजन, जरूरी दवाइयों की कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन सख्ती से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन आइसोलेशन सेंटर में ग्रामीणों के कोरोना पॉजिटिव होने पर रखा जाएगा। इस मौके पर एसडीएम सुमित सिहाग, बीडीपीओ अंग्रेज सिंह, एसएमओ संदीप अबरोल, डा. पूजा यादव, सरपंच प्रतिनिधि तेजेन्द्र सिंह संधू, हेल्थ इंस्पेक्टर राजेश कुमार व आंगनवाड़ी वर्कर कमलेश, मीनू, रीटा, एएनएम शकुंतला मौजूद थे।

 नाटक मंडली ने 22 गांवों में किया जागरुक

सूचना एवं जन संपर्क विभाग की नाटक मंडली द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। नाटक मंडली द्वारा चौराहों, चौपालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में कोरोना से बचाव, वैक्सीन के बारे में जानकारी व जिला प्रशासन द्वारा कोविड के उपचार के प्रबंधों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी सुनील बसताड़ा ने बताया कि प्रचार वाहन जागरूकता अभियान चलाए हुए है। शुक्रवार को सलारू, दरड़, कुराली, इंद्री, मटक माजरी, खेड़ा, पटहेड़ा, ननदी, भौजी, शेरगढ़, खुखनी, कलरी जागीर, कलरा, धन्नोखेड़ी, हनौरी, छपरिया, टपरिया, जैनपुर, खानपुर, धुमसी, सांतड़ी व बटेड़ी में कोरोना से बचाव उपायों व नियमों की पालना को लेकर जागरूक किया गया।

मेगा वेक्सीनेशन कैंप में 68 मीडियाकर्मियों का टीकाकरण

लघु सचिवालय स्थित स्वास्थ्य विभाग तथा सूचना जन संपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा मीडिया सेंटर में 68 मीडियाकर्मियों का टीकाकरण किया गया। महानिदेशक डा. अमित अग्रवाल ने सभी जिलों में टीकाकरण को लेकर जरूरी प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। उपायुक्त निशांत यादव ने कहा कि सरकार द्वारा मीडियाकर्मियों को फ्रंट लाइन वर्कर मानते हुए टीकाकरण में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

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