सहकारी चीनी मिल के नवीनीकरण का कार्य इसी माह होगा पूरा

नई सहकारी चीनी मिल का निर्माण कार्य मार्च में पूरा हो जाएगा।

करनाल में सहकारी चीनी मिल के नवीनीकरण का कार्य मार्च में भी पूरा हो जाएगा। अप्रैल के पहले सप्ताह में नई मिल का होगा ट्रायल। डीसी निशांत कुमार यादव ने अधिकारियों को दिए काम में तेजी लाने के निर्देश।

Anurag ShuklaTue, 02 Mar 2021 05:39 PM (IST)

करनाल, जेएनएन। किसानों की जीवन रेखा कहलाने वाली नई सहकारी चीनी मिल का निर्माण कार्य इसी माह के अंत तक पूरा होगा। अब तक सिविल और मैकेनिकल मिलाकर 80 से 85 प्रतिशत कार्य मुकम्मल कर लिया गया है। इसके बाद अप्रैल के प्रथम सप्ताह में नई मिल में गन्ना पिराई का ट्रायल लिया जाएगा। डीसी निशांत कुमार यादव ने चीनी मिल के निर्माण स्थल का दौरा करने के दौरान यह जानकारी दी। उनके साथ चीनी मिल की प्रबंध निदेशक अदिति भी थीं।

263 करोड़ रुपये से बनकर होगी तैयार, पिराई क्षमता भी बढ़ेगी

नई चीनी मिल 263 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगी। इसकी क्षमता भी पहले से ज्यादा होगी अर्थात पुराने मिल की 2200 टन प्रतिदिन गन्ने की पिराई क्षमता नए मिल में 3500 टन प्रतिदिन रहेगी। इसी प्रकार पूरे सीजन में गन्ना पिराई का लक्ष्य भी 35 लाख क्विंटल से 55 लाख क्विंटल होगा। उन्होंने बताया कि अब तक पुरानी मिल में 21 लाख 30 हजार क्विंटल गन्ने की पिराई की जा चुकी है, जाकि गत वर्ष इस अवधि में 20 लाख 88 हजार क्विंटल की गई थी।

आधुनिक मशीनरी से तैयार हो रहा नया मिल

नए चीनी मिल में आधुनिक मशीनरी लगाई जा रही है ताकि यह लंबे समय तक कार्यकुशल बना रहे। सिविल और मैकेनिकल का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है, मात्र पाइपलाइन वगैरह का पेंडिंग है जो मार्च अंत तक निपटा लिया जाएगा। अब तक बॉयलर, टर्बाइन, कंट्रोल रूम, केन कैरियर व लोडर, कुलिंग टावर तथा वीएफडी (वैरिएबल फ्रिक्वेंसी ड्राईवर) का काम लगभग मुकम्मल हो गया है। उन्होंने अब तक हुए कार्य को देखकर हालांकि संतुष्टि जाहिर की लेकिन निर्माण इंजीनियरों को यह भी कहा कि मैन पॉवर बढ़ाकर काम को पुल-अप करें। इसके लिए भले ही डबल शिफ्ट कर लें। कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि जो भी काम हो, उसे साथ-साथ अच्छी तरह से चैक करते रहें ताकि बाद में किसी प्रकार की दिक्कत से बचा जा सके।

कीर्तिमान बना रहा चीनी मिल

हाल ही में करनाल का चीनी मिल अन्य रिकवरी जोन में गन्ना विकास को लेकर न केवल उत्तर भारत बल्कि पूरे देश में प्रथम स्थान पर आया है। खास बात यह है कि वर्ष 2013 से लेकर अब तक केवल वर्ष 2018-19 सत्र को छोड़कर इस तरह की लगातार उपलब्धि हासिल करने वाला यह प्रदेश का पहला चीनी मिल है। आगामी 25-26 मार्च को इस उपलब्धि के लिए मिल प्रबंधन को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि प्रदेश का कैथल चीनी मिल तकनीकी कार्यकुशलता में द्वितीय स्थान पर आया है।

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