कुरुक्षेत्र में कांट्रेक्टर ने एफसीआइ को लगा दिया 82 लाख का चूना, सड़क से जारी करवा दी फर्जी बैंक गारंटी

कुरुक्षेत्र का मामला। भारतीय खाद्य निगम पंचकूला के क्षेत्रीय कार्यालय ने सड़क मार्ग से खाद्यान्न भेजने का टेंडर निकाला था। कांट्रेक्टर ने निगम को बैंक गारंटी सौंपी। निगम की जांच में बैंक गारंटी फर्जी निकली। बाकी कागजात भी फर्जी थे।

Umesh KdhyaniSun, 13 Jun 2021 12:02 PM (IST)
एफसीआइ के मंडल प्रबंधक की शिकायत पर आरोपित ठेकेदार पर धोखाधड़ी मामला दर्ज किया गया है।

कुरुक्षेत्र/पिपली, जेएनएन। भारतीय खाद्य निगम में फर्जी बैंक गारंटी के नाम पर 82 लाख 47 हजार 225 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क से खाद्यान्न भेजने के नाम पर बैंक से फर्जी बैंक गारंटी जारी करवा निगम को भेज दी। निगम ने जब बैंक गारंटी की जांच संबंधित बैंक से करवाई तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक की शिकायत पर आरोपित ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया है। एसपी ने मामले की जांच सेक्टर पांच पुलिस चौकी प्रभारी को सौंपी है।

भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि भारतीय खाद्य निगम क्षेत्रीय कार्यालय पंचकूला ने सड़क मार्ग से खाद्यान्न भेजने के लिए 18 मार्च 2021 को टेंडर जारी किया था। यह टेंडर रोड ट्रांसपोर्टर नमनदीप सिंह को अलॉट हुआ था। कांट्रेक्टर नमनदीप सिंह ने बैंक गारंटी के लिए बैंक ऑफ इंडिया तरावड़ी शाखा की ओर से जारी 82 लाख 47 हजार 225 रुपये की बैंक गारंटी 23 अप्रैल 2021 को निगम के कार्यालय में जमा करवाई थी। जिसकी कंफरमेशन के लिए 27 अप्रैल को बैंक ऑफ इंडिया को भेजा गया।

बैंक ने पत्र जारी कर कागजातों के बताया फर्जी

बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक ने 29 अप्रैल 2021 को ईमेल के माध्यम से निगम को सूचित किया कि बैंक द्वारा 82 लाख 47 हजार 225 रुपये की कोई बैंक गारंटी जारी नहीं की गई है। जारी बैंक गारंटी फर्जी है। बैंक ने अन्य कागजातों को भी फर्जी बताया था। इस मामले में भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक की शिकायत पर आरोपी कांट्रेक्टर नमनदीप सिंह के खिलाफ थाना सदर में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। एसपी ने मामले की जांच सेक्टर पांच पुलिस चौकी प्रभारी को सौंपी है।

क्षेत्रीय कार्यालय ने खाद्यान्न भेजने के लिए निकाला था टेंडर

भारतीय खाद्य निगम के मंडल प्रबंधक ने बताया कि निगम के पंचकूला स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा सड़क माध्यम से खाद्यान्न भेजने का टेंडर निकाला था। यह टेंडर नमनदीप सिंह के नाम अलाट हुआ था। नमनदीप सिंह की दी बैंक गारंटी की जांच कराई ताे वह फर्जी बताई गई है। इसके बाद निगम ने टेंडर पर रोक लगा दी थी। कांट्रेक्टर ने फर्जी बैंक गारंटी से निगम से 82 लाख 47 हजार 225 रुपये की धोखाधड़ी की है।

जांच के लिए शुक्रवार को मिली फाइल

सेक्टर-पांच पुलिस चौकी प्रभारी जीत सिंह ने कहा कि पुलिस को मामले की जांच के लिए फाइल शुक्रवार को मिली है। मामले की जांच के लिए तथ्य जुटाए जा रहे हैं। इसमें जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

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