विदेश में व्यापार के लालच में सेवानिवृत्त कमांडेंट ने गंवाए 21 लाख, सोशल मीडिया से फंसा ठगों से चंगुल में

यमुनानगर में रिटायर्ड कमांडेंट को लालच भारी पड़ गया। सोशल मीडियो से ठगों ने जाल में फंसाया। विदेश में दवाइयों का व्यापार कर लाखों की कमाई का लालच दिया। 21 लाख की चपत लगा दी। अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

Umesh KdhyaniSun, 13 Jun 2021 01:00 PM (IST)
ठगों ने दवा कंपनी में पैकेट सप्लाई करने का व्यापार करने का लालच दिया।

यमुनानगर, जेएनएन। लोगों को ठगने के लिए अब नए-नए तरीके से ठगी हो रही है। विदेश में व्यापार करने का लालच दिखाकर लोगों को ठगा जा रहा है। खास बात यह है कि ठग फेसबुक के जरिये लोगों से संपर्क करते हैं। एक और मामला इस तरह का सामने आया है। तेलीमाजरा निवासी सेवानिवृत्त कमांडेंट सुरेंद्र सिंह को दवा कंपनी में पैकेट सप्लाई करने का व्यापार करने के नाम पर ठगा गया। उन्हें 21 लाख रुपये की चपत लगाई गई है। फिलहाल जगाधरी शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, सेवानिवृत्त कमांडेंट सुरेंद्र सिंह ने सर्विस के दौरान मुंबई में फ्लैट खरीदा था। 19 नवंबर 2020 वह अपनी पत्नी के साथ मुंबई गए थे। वहां पहुंचकर फ्लैट का रिनोवेशन कराया और इसे बेचने के लिए लगा दिया। 17 दिसंबर 2020 को जैसमीन विलसन नाम की महिला से फेसबुक पर संपर्क हुआ। चैट के दौरान जैसमीन ने कहा कि वह इंग्लैंड में अबोट फार्मास्यूटिकल कंपनी में कार्य करती है। यह कंपनी दवाईयां बनाती है। बातचीत आगे बढ़ी, तो विलसन ने सुरेंद्र से वाट्सएप नंबर लिया। कुछ दिनों बाद इस महिला को उन्होंने ब्लाक कर दिया। इसके बावजूद महिला उनसे फेसबुक मैसेंजर के जरिये चैटिंग करने लगी और अपनी कंपनी के साथ व्यापार करने का सुझाव रखा।

कई दिनों तक दवाब बनाती रही महिला 

व्यापार में लागत अधिक होने की वजह से सुरेंद्र टाल मटोल करने लगे। काफी दिनों तक चैटिंग चलती रही। कुछ दिनों बाद जैसमीन ने उन्हें अरुणाचल प्रदेश की लक्ष्मी का नंबर दिया और बताया कि वह इस महिला से दवाइयों में प्रयोग होने वाला मुकोना नट्स मंगवाते हैं। जो कंपनी में कैंसर की दवाई बनाने के काम आती है। जैसमीन ने उन पर दबाव बनाया कि इस व्यापार में काफी लाभ होगा। 

कंपनी का डीलर बना दिया सुरेंद्र को 

व्यापार के लालच में आकर सुरेंद्र को जैसमीन की बातों पर विश्वास हो गया। जैसमीन ने उनसे आधार कार्ड वाट्सएप पर मंगवाया और कंपनी में बतौर डीलर रजिस्ट्रेशन करा दिया। साथ ही कहा कि लक्ष्मी से तीन छोटा पैकेट का सैंपल मंगवाकर कंपनी के परचेज मैनेजर फ्रेंक एडवर्ड  को भेजकर अप्रवूल ले लेना। अप्रूवल के बाद 100 पैकेट और मंगवाकर अपने पास रख लेना। जब 103 पैकेट का स्टाक हो जाए, तो परचेज मैनेजर काे बता देना। फिर  वह आएगा और पेमेंट देकर पैकेट ले जाएगा। इससे काफी लाभ होगा। साथ ही जैसमीन ने दस फीसद का कमीशन भी तय किया।

फ्लैट बेचकर लगाया पैसा

इस बीच मार्च 2021 में सुरेंद्र के फ्लैट का सौदा हो गया। उसे बेचने के बाद खाते में पैसा आया था। 25 मार्च 2021 को उन्होंने लक्ष्मी से तीन पैकेट मंगवाए। करीब दो लाख रुपये उसके खाते में भेजे। कुछ दिन बाद उन्हें एक कोरियर मिला। जिसमें तीन पैकेट थे। जैसमीन के कहे अनुसार उन्होंने वह तीन पैकेट का सैंपल फ्रेंक एडवर्ड को भेज दिया। वहां से सैंपल अप्रूवल कर 100 पैकेट मंगवाने के लिए कहा गया। उनसे कहा कि जब ये पैकेट आ जाएं, तो बता देना। फिर टिकट कंफर्म करा लेंगे। इस तरह से सुरेंद्र ने अलग-अलग कर 103 पैकेट मंगवा लिए। इसके लिए उसने 21 लाख रुपये खाते में जमा करा दिए।

इस तरह हुआ ठगे जाने का अहसास

फ्रेंक एडवर्ड ने दो मई को आने का वादा किया था। सुरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि दो मई को उनके पास एक महिला का कॉल आया। उसने खुद को इमिग्रेशन अधिकारी बताया और कहा कि फ्रेंक एडवर्ड उनकी कस्टडी में है। उसके पास काफी यूएस डालर हैं। उसे छुड़वाने के लिए 55 हजार रुपये आरटीजीएस करने के लिए कहा। फोन पर भी बात कराई। शक होने पर सुरेंद्र ने लक्ष्मी व जैसमीन के मोबाइल पर कॉल की, तो दोनों के नंबर बंद आए।

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