कुरुक्षेत्र में बैंक प्रबंधन की बैठक से सीईओ नदारद, तीन घंटे इंतजार करते रहे निदेशक, लगे गंभीर आरोप

कुरुक्षेत्र में प्राइमरी लैंड डेवलपमेंट बैंक की बैठक थी। लेकिन सीईओ मौजूद नहीं थे। पहले भी सीईओ के नदारद होने के चलते बैठक नहीं हो पाई थी। आरोप है कि सीईओ कार्रवाई पुस्तिका व अन्य रिकॉर्ड लेकर मौके से नदारद हुए।

Umesh KdhyaniTue, 27 Jul 2021 04:45 PM (IST)
बैंक के सीईओ ने निदेशकों के आरोपों को नकारा, कहा, हर जांच के लिए तैयार हूं।

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। दि प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक (पीएलडीबी) की चंडीगढ़ स्थित बैंक के मुख्यालय के लिए वोट बनाने के लिए सोमवार को निदेशक मंडल की बैठक बुलाई गई। पांच निदेशक 11.30 बजे बैठक में भाग लेने के लिए पहुंच गए थे, लेकिन जब निदेशक बैंक के कार्यालय में पहुंचे तो बैंक के सीईओ नदारद मिले। निदेशक तकरीबन तीन घंटे तक बैंक में सीईओ की इंतजार करते रहे। जब सीईओ बैंक नहीं पहुंचे तो निदेशकों ने सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार को शिकायत देकर आरोप लगाया कि बैंक के सीईओ अपनी पत्नी जो बैंक की चेयरमैन भी हैं, उनकी वोट बनवाना चाहते हैं और इसी मंशा के चलते सीईओ ने न तो उनकी बैठक में हाजिरी लगाई और न ही वह मौके पर मिले।

बैंक के निदेशक गुरनाम सिंह व सुभाष चंद ने बताया कि योजना के मुताबिक बैंक सीईओ अपनी पत्नी जो बैंक की चेयरमैन हैं। वह चंडीगढ़ बैंक मुख्यालय के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के लिए उनकी वोट बनवाना चाहते हैं। इसी मंशा से सीईओ बैंक से सारा रिकॉर्ड लेकर चले गए। वह कई घंटे तक सीईओ के लौटने का इंतजार करते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि नौ जुलाई को भी बैंक प्रबंधन बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस दिन भी सीईओ ने बैठक करवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। जब सीईओ बैंक नहीं आया तो उन्होंने सारे मामले की शिकायत उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां योगेश जुनेजा को सौंप दी है और शिकायत की एक प्रति बैंक के एमडी को चंडीगढ़ कार्यालय में भेज दी है।

शिकायत की जांच कर रहे : उप रजिस्ट्रार

उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां योगेश जुनेजा ने बताया कि पीएलडीबी बैंक के निदेशकों की शिकायत उनके कार्यालय में आई है। शिकायत में निदेशकों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

निदेशकों के लगाए सभी आरोप निराधार

सीइओपीएलडीबी बैंक के सीइओ सुरेंद्र पाल सिंह ने निदेशकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को नकारते हुए बताया कि वे बैंक से कहीं बाहर नहीं गए थे और ना ही उनकी कोई ऐसी मंशा है कि वोट उनकी पत्नी की बनाई जाए। बैंक निदेशक मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से जो निर्णय लिया जाएगा, वही मान्य होगा। वे हर जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने सारे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों के संज्ञान में ला दी है।

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