पानीपत की बाक्‍सर बेटी वर्ल्‍ड चैंपियन, टीवी पर मुकाबला देख भावुक हुए टैक्‍सी चालक पिता, कही बड़ी बात

विंका बॉक्सिंग में विश्‍व चैंपियन बन गई।

टैक्सी चालक पिता के सपने को बेटी विंका ने विश्व चैंपियन बनकर पूरा किया। शिमला मौलाना गांव की विंका ने विश्व युवा बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कजाकिस्तान की खुलदिल को हरा स्वर्ण पदक जीता। बेटी को विश्व विजेता बनते देख भावुक हो गए धर्मेंद्र बोले-बेटी योद्धा है।

Anurag ShuklaFri, 23 Apr 2021 10:14 AM (IST)

पानीपत, जेएनएन। पानीपत के छोटे से गांव की बेटी 18 वर्षीय विंका बॉक्सिंग में विश्‍व चैंपियन बन गई है। उसने 60 किलोभार में पौलेंड में हुई विश्व युवा बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कजाकिस्तान की बाक्‍सर खुलदिल को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। विंका की विरोध को थकाने की तकनीक काम आई। पहले और दूसरे राउंड में वह 10-9 से आगे थीं। तीसरे राउंड में दमदार पंच के सामने बॉक्सर टिक नहीं पाई और हार मान ली। विंका यह चैंपियनशिप जीतने वाली जिले की पहली बॉक्सर बन गई हैं। इस मुकाबले से पहले उन्होंने तीन बॉक्सरों को हराया। विंका अभी तक राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 25 पदक जीत चुकी हैं।

भावुक हो गए पिता

टीवी पर बेटी का मुकाबला देख रहे टैक्सी चालक धर्मेंद्र भावुक हो गए। दैनिक जागरण को बताया कि बेटी विंका योद्धा है। बचपन में सिर में 24 टांके लगे। इसके बाद भी घबराई नहीं। बॉक्सिंग खेल चुनने पर बेटी को मना किया था। लोगों ने ताने भी दिए। बेटी ने खाना पिता छोड़ दिया और उनकी जिद से सामने वह टिक नहीं पाया। बेटी को चैंपियन बनने का सपना पूरा करने के लिए आर्थिक तंगी झेली। जमीन बिक गई। आज बेटी ने स्वर्ण पदक जीतकर मान रख लिया है। अब बेटी से ओलंपिक पदक की भी उम्मीद जग गई है। धर्मेंद्र ने विंका की जीत के बाद आर्य कालेज के प्रिंसिपल डा.जगदीश गुप्ता का भी आभार जताया है। विंका कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। प्रिंसिपल का पूरा सहयोग रहता है।

विंका न थकती है, न नवर्स होती है, यह है जीत का मंत्र

विंका ने शुरुआत में शिवाजी स्टेडियम में बॉक्सिंग कोच सुनील कुमार के पास अभ्यास किया। कोच सुनील ने बताया कि पुल में रशिया की बॉक्सर ताकतवर थी। मुकाबला होने से पहले विंका से बात हुई तो कहा था कि घबराना नहीं। विंका न थकती है, न ही नवर्स होती है और ज्यों-ज्यों मुकाबला अंतिम तक चलता है त्यों-त्यों ताकत बढ़ती है। यही विंका की जीत का मंत्र है। फाइनल मुकाबले में भी ऐसा ही हुआ।

अब लोग बेटी के नाम से जानते हैं

गृहिणी सरला ने बताया कि बड़ी बेटी मोनिका हाकी की नेशनल चैंपियन है। मंझली बेटी विंका भी हॉकी की बेहतरीन खिलाड़ी रही है। बेटी ने हॉकी छोड़ बॉक्सिंग चुना। तब मना किया था, क्योंकि इस खेल में नाक की हड्डी टूटने का खतरा रहा है। बेटी खेलती गई और पदक जीतती गई। उन्होंने भी कभी बेटियों को बड़े बेटे अजय और छोटे सचिन से कम नहीं समझा। बेटियों के खेलने पर लोगों ने तंज भी कसे थे। वह और पति बेटियों के साथ थे। विंका विश्व चैंपियन हो गई हैं। अब लोग उन्हें बेटी के नाम से जानते हैं।

विंका की ये है सफलता

-सातवीं नेशनल जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

-खेलो इंडिया और स्कूल नेशनल में स्वर्ण पदक।

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