बाइक मैकेनिक की मौत, लीवर की बीमारी या हार्ट अटैक की आशंका

बाइक-स्कूटर मैकेनिक की मौत हो गई। स्वजनों की मांग पर छह चिकित्सकों ने बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। विसरा भी जांच के लिए भेजा गया है। प्राथमिक तौर पर मैकेनिक की मौत का कारण लीवर संबंधी बीमारी या हार्ट अटैक माना जा रहा है।

JagranSun, 26 Sep 2021 11:59 PM (IST)
बाइक मैकेनिक की मौत, लीवर की बीमारी या हार्ट अटैक की आशंका

जागरण संवाददाता, पानीपत : बाइक-स्कूटर मैकेनिक की मौत हो गई। स्वजनों की मांग पर छह चिकित्सकों ने बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। विसरा भी जांच के लिए भेजा गया है। प्राथमिक तौर पर मैकेनिक की मौत का कारण लीवर संबंधी बीमारी या हार्ट अटैक माना जा रहा है। नूरवाला स्थित कृपाल आश्रम में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगने के करीब साढ़े तीन घंटे बाद मैकेनिक का निधन हुआ।

हरिसिंह कालोनी वासी रणजीत (41 वर्ष) की भोला चौक पर बाइक मैकेनिक शाप है। शनिवार की सुबह करीब 10:30 बजे उन्होंने कृपाल आश्रम में कोविशील्ड की पहली डोज लगवाई थी। करीब 20-25 मिनट वहां रुकने के बाद घर पहुंचे। कुछ देर बाद फलों का जूस पिया। दोपहर करीब 12 बजे भोजन लिया। इसके आधे घंटे बाद ही चक्कर आया और बेहोश हो गए। स्वजन सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्वजनों की मांग पर रविवार को पोस्टमार्टम किया गया।

पोस्टमार्टम बोर्ड में प्रिसिपल मेडिकल आफिसर डा. संजीव ग्रोवर (फिजिशियन), फोरेंसिक एक्सपर्ट डा. नारायण डबास, एनेस्थेटिस्ट डा. वीरेंद्र ढांडा, माइक्रोबायोलाजिस्ट डा. प्रीति, डा. अमित, डा. मनीषा, डा. राघवेंद्र शामिल रहे। प्रिसिपल मेडिकल आफिसर ने बताया कि मौत अचानक हुई है। हार्ट अटैक की अधिक आशंका है। विसरा भी जांच के लिए भेजा गया है। मौत का सही कारण रिपोर्ट से ही पता चलेगा। सोमवार को इस विषय पर बोर्ड की मीटिग भी बुलाई होगी। परिवार में पत्नी व तीन बच्चे

रणजीत के दो भाई, तीन बहनें हैं, इनमें वह सबसे बड़ा था। परिवार में पत्नी सुमन सहित दो बेटियां और 13 वर्षीय बेटा है। परिवार में मातम छाया हुआ है। टीका के बाद प्रतिकूल घटनाएं बहुत कम

वैक्सीनेशन के जिला नोडल अधिकारी डा. मनीष पासी ने बताया कि करीब 7.35 लाख को कोरोना वैक्सीन की पहली और दो लाख से अधिक को दूसरी डोज लग चुकी है। दोनों वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित हैं। टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना की बात करें तो मात्र 0.005 फीसद हैं। ये भी माइल्ड हैं, यानि हल्का बुखार, सिरदर्द, हाथ में सूजन इत्यादि। टीका लगने के कुछ दिनों बाद जिला में इक्का-दुक्का मौत हुई, उनका कारण भी बीमारी रहा।

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