युवाओं को नहीं परिवार की चिंता, अंत्योदय मेले में पहुंच रहे उम्र दराज, जानिए इसकी खासियत

यमुनानगर में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत दो दिवसीय मेले लगाने की शुरुआत की गई है। इसकी शुरुआत सोमवार को बिलासपुर ब्लाक से की गई। मेले में पहले उन लोगों को बुलाया गया है जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये है।

Rajesh KumarTue, 30 Nov 2021 03:35 PM (IST)
यमुनानगर में दो दिवसीय अंत्योदय मेले का आयोजन।

यमुनानगर, जागरण संवाददाता। कम आय वाले लोगों की आय को दोगुणा कैसे किया जाए इसके लिए प्रशासन की तरफ से ब्लाक स्तर पर मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के अंतर्गत दो दिवसीय मेले लगाने की शुरुआत की गई है। इसकी शुरुआत सोमवार को बिलासपुर ब्लाक से की गई। मेले में पहले उन लोगों को बुलाया गया है जिनकी वार्षिक आय 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये है। परंतु पहले दिन युवा वर्ग ने दूरी बनाकर रखे। सभी उम्र दराज लोग ही पहुंच रहे हैं। इनमें भी आधे ऐसे हैं जिनकी उम्र 60 साल से अधिक है। यह लोग भी रोजगार की बजाय अपने पक्के घर व प्लाटों के लिए पहुंच रहे हैं। 

लोगों को नहीं समझा सके मेले का महत्व

दरअसल प्रशासन लोगों को समझा नहीं पाया कि अंत्योदय मेला क्यों लगाया जा रहा है। प्रशासन ने अधिकारियों व गांवों के सरपंचों के माध्यम से लोगों तक केवल यह मैसेज दिया कि उन्हें बीडीपीओ कार्यालय में आना है। वहां पर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इस वक्त गांवों में ज्यादातर लोगों की ज्यादातर समस्या पक्के मकान न होना, बीपीएल राशन कार्ड न मिलने जैसी हैं। इसलिए लोग अपना राशन कार्ड व परिवार पहचान पत्र लेकर बीडीपीओ कार्यालय में आ गए। जब कर्मचारी मेले में आए लोगों की काउंसलिंग करते हैं तो उनसे पूछते हैं कि आपको किसी चीज की जरूरत है। ऐसे में लोग टका सा जवाब देते हैं कि उन्हें पक्का मकान चाहिए और उनका बीपीएल राशन कार्ड भी नहीं बना है। उनके जवाबों का अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। जबकि सरकार का मकसद है कि अधिक से अधिक लोग स्वरोजगार को अपना कर अपनी आय में वृद्धि करें।

उम्र दराज लोगों के लिए नहीं कोई योजना

अंत्योदय मेले में जो उम्र दराज लोग पहुंच रहे हैं उनके लिए प्रशासन व सरकार के पास कोई याेजना नहीं है। उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ भी नहीं दिया जा सकता। क्योंकि सरकारी योजनाओं का फायदा लेने के लिए सरकार ने उम्र निर्धारित कर रखी है। 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बुजुर्ग सम्मान भत्ता दे रही है। जबकि युवाओं के लिए सबसे ज्यादा योजनाएं हैं। युवाओं को ट्रेनिंग देकर प्रशासन उन्हें अपने पांव पर खड़े करने में मदद करता है। जिन्हें लोन की जरूरत होती है उन्हें बैंक से लोन भी दिलाया जाता है। परंतु युवा ही ऐसे कार्यक्रमों से मुंह मोड़ रहे हैं। सोमवार को जो लोग बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे तो उनमें से काफी तो यह पूछ रहे थे कि अंत्योदय क्या होता है। कर्मचारी भी इसका जवाब नहीं दे पा रहे थे। ऐसे में जब तक आम आदमी को योजना के बारे में ही स्पष्ट नहीं होगा तो वह कैसे इसका लाभ उठाएंगे।

42 योजनाओं को किया चिन्हित : पार्थ गुप्ता

डीसी पार्थ गुप्ता ने बताया कि अंत्योदय की भावना से ही जरूरतमंद को लाभान्वित किया जा रहा है। इस योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है। इसके लिए 42 योजनाएं चिन्हित की गई हैं जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। इनमें पात्रता के लिए एससी, बीसी, महिला, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाएगी। स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ-साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढ़ाई के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। अभियान के पहले चरण में 50000 से 100000 रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों को आय दोगुनी तक लेकर जाना है। इसके लिए बैंक का पूरा सहयोग लिया जा रहा है। मेले के दौरान ही बैंक अधिकारी लोन संबंधी औपचारिकताएं पूरी करेंगे। किसी पात्र व्यक्ति को बैंक गारंटी की आवश्यकता हुई तो उसकी भी मदद सरकार करेगी।

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